पत्रकार ओम थानवी की मुलाकात में असहिष्णुता को लेकर चिंतित दिखे राष्ट्रपति

Share Button
Read Time:2 Minute, 38 Second

om thanvi_president

कल रात हम लोग राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिले – साहित्यकार अशोक वाजपेयी, कलाकार विवान सुंदरम और मैं नाचीज।

पहली नवम्बर को हमने कांस्टीट्यूशन क्लब में मावलंकर सभागार में जो लेखकों, कलाकारों, इतिहासकारों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों आदि का “प्रतिरोध” आयोजित किया था, उसमें पारित प्रस्ताव राष्ट्रपति को हमने ज्ञापन के रूप में पहुँचाने का जिम्मा लिया था।

राष्ट्रपति के साथ हम करीब पच्चीस मिनट रहे। असहिष्णुता के मुद्दे पर राष्ट्रपति हमें हमारी ही तरह चिंतित जान पड़े।

उन्होंने कहा कि दुनिया में कई सभ्यताएं खत्म हो गईं, पर भारत अपने बहुलतावाद के कारण आगे बढ़ता रहा है।

उन्होंने (आमिर खान प्रसंग का जिक्र छिड़ने पर) कहा कि यह सही बात है कि पुरस्कार लौटाना भी प्रतिरोध का एक तरीका है।

यह कहने पर कि इसमें कोई योजना या षड्यंत्र नहीं है, जैसा कि प्रतिरोध करने वालों पर आरोप मढ़ा जा रहा है, राष्ट्रपति ने कहा मैं जानता हूँ कि यह (प्रतिरोध) स्वतःस्फूर्त है।

 हमने उन्हें बताया कि प्रतिरोध का आयोजन हम कुछ उत्साही लोगों ने अपनी पहल से किया। इसमें कोई राजनीतिक दल सहभागी नहीं था जैसा कि आरोप लगाया जाता रहा; हाँ, निजी हैसियत में राजनीतिक कार्यकर्त्ता भी साथ देते आए हैं।

हमने राष्ट्रपति का आभार माना कि वे हिंसा और असहिष्णुता के खिलाफ बोलते रहे हैं और उनका उल्लेख प्रधानमंत्री ने भी किया, भले ही तब प्रधानमंत्री ने अपनी ओर से कुछ नहीं कहा।

हमने गुजारिश की कि राष्ट्रपति केंद्र व संबंधित राज्य सरकारों और राजनीतिक दलों आदि को अपने दायित्व के उचित निर्वाह की हिदायत भी दें ताकि सहनशीलता, आपसी सहयोग, समझदारी, बहुलता के प्रति सम्मान, मत-वैभिन्न्य की गुंजाइश और अभिव्यक्ति की आजादी बनी रहे।

……….वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी अपने फेसबुक वाल पर

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Relate Newss:

सृजन महाघोटालाः सीबीआई की रडार पर नेताओं,अफसरों के साथ पत्रकार भी
चाऊ एन लाई द्वारा प्रदत्त बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक को देख अह्लादित हुए चीनी पत्रकार दल   
आजाद हिंद फौज के कैप्टन अब्बास अली का इंतकाल
पिटाई से नहीं, व्यवस्था की नालायकी से हुई तबरेज की मौत
एनएजे ने सीएम को लिखा पत्र- पत्रकार को तत्काल रिहा कर नालंदा डीईओ पर हो कड़ी कार्रवाई
 इस सरकार-शासन प्रेमी कथित जर्नलिस्ट की पोस्ट से उभरे सबाल, राजगीर में कौन-कितने चिरकुट पत्रकार ! 
सिर्फ गन्दी मानसिकता के कारण होता है रेप !
इनको मीडिया-पुलिस की इस कहर से बचाईये
 ‘फर्स्ट पोस्ट’ नाम से एक बड़ा अंग्रेजी अखबार शुरू करने वाले हैं मुकेश अंबानी  
नालंदा में अपराधियों का नंगा नाच, एन एच 31 पर मुखिया के देवर को गोली मार पांच राइफल लूटे
बिहार में है प्रशासनिक खौफ का राज, सीएम तक होती है अनसुनी
सावधान! झारखंड में चार शिक्षण संस्थान फर्जी, उषा मार्टिन अकादमी को AICTE से नहीं है मान्यता
श्रम विभाग का आदेश मानने को बाध्य नहीं है रांची एक्सप्रेस प्रबंधन !
ऑनलाइन फ्रॉड का फैलता नया मायाजाल
सुशासन बाबू ने फर्जी डिग्रीधारी गुप्तेश्वर पाण्डेय को बनाया डीजी
राजगीर मलमास मेला सैरात भूमि के इस अतिक्रमणकारी के आगे प्रशासन बिल्कुल पगुं
सीएम और उनके सलाहकारों को सदबुद्धि दें भगवन
प्रोपगंडा है मोदी की ईमानदारी और विकास का दावाः विकिलीक्स
नफे-नुकसान के बीच राजद-जदयू विलय की बात बेमानी!
IPS अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर हुईं BJP में शामिल
अरविन्द केजरीवाल के दलाल हैं पुण्य प्रसुन वाजपेयी ?
एक और पत्रकार पर जानलेवा हमला, पुलिस ने दर्ज नहीं की FIR
पत्रकारिता का यह कैसा वीभत्स चेहरा !
सेलरी नहीं मिलने से क्षुब्ध ड्राइवर ने  'इंडिया न्यूज' चैनल के मालिक को 'ठोंक' दिया !
पत्रकार सुरक्षा कानून एवं आवास योजना की आवाज लोकसभा में उठायेंगे गिलुवा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...