पढ़ियेः बरिष्ठ पत्रकार कृष्ण बिहारी मिश्र का क्या था फेसबुक पोस्ट, जिस पर हुआ FIR

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रांची (INR)। राजधानी रांची के धुर्वा थाना में वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण बिहारी मिश्र के खिलाफ जिस फेसबुक पोस्ट को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है, उसे देख कर यह नहीं लगता है कि कहीं कोई आपत्ति जनक बातें लिखी गई हो।

इस आलोक में यदि हम रांची के चप्पे-चप्पे में झारखंड सूचना एवं जन संपर्क विभाग के टंगे सरकारी विज्ञापनों का अवलोकन करें तो साफ स्पष्ट होता है कि यदि धार्मिक संदर्भ में तो तत्काल कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ होनी चाहिये, जिन्होंने सब कुछ को मजाक बना दिया है।

श्री मिश्र ने अपनी भाषा की मर्यादा में लिखा है कि

“भाई वाह.. मुख्यमंत्री तो सचमुच भगवान राम हो गये। अभी-अभी एक भाजपा नेता मुझे तस्वीर भेजी है। किसी-किसी को ये तस्वीर हास्यास्पद, तो किसी-किसी को इससे नाराजगी भी होगी। पर ये मत भूलिये कार्यकर्ता कार्यकर्ता होता है, उसे अपने नेता में गजब का हीरो दिखाई देता है, वह कल्पना में डूबा होता है, उसे अपने नेता में कभी राम तो ककभी कृष्ण दिखाई देता है, चाहे उसका नेता खुद को हनुमान से ही क्यों न जोड़ता हो। कमेंट देने वाले धयान देगें, कभी राजद कार्यकर्ता लालू प्रसाद यादव को कृष्ण के रुप में भी दिखा चुका है। इसलिये रघुवर दास जो स्वंय को हनुमान कहते आये है, उन्हें उनके कार्यकर्ताओं ने राम के रुप में प्रकट कर दिया तो इसमें आश्चर्य करने की कोई बात नहीं, चूकि कार्यकर्ता तो कार्यकर्ता होता है, उस पर नेता की भी नहीं चलती, फिलहाल झारखंड के मुख्यमंत्री को रघुवर दास के रुप में देखिये और आनंद लीजिये……”

सबाल उठता है कि विभिन्न समाचार पत्रों-चैनलों के शीर्ष पदों पर कार्य कर चुके और पत्रकारिता से जुड़ी कई पुस्तकों का लेखन-प्रकाशन कर चुके श्री मिश्र सरीखे हस्ती ने ऐसी क्या लिख डाली कि उसे आधार मान कर थाना में केस दर्ज हो जाये।

सबसे बड़ी बात कि श्री मिश्र ने अपनी पोस्ट में एक भाजपा नेता शब्द का जिक्र किया था। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था। फिर कौन है वह भाजपा नेता-कार्यकर्ता जो खुद को स्वंय उस पोस्ट से जोड़ कर मीडियाई हीरो बनने की फिराक में हैं। और मीडिया उसे तुल भी दे रहा है। आखिर नीचे की तस्वीर क्या बयां कर रही है…..

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