पटेल आंदोलन से दूर रहें अमित शाह : हार्दिक पटेल

Share Button

पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के संयोजक हार्दिक पटेल ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से कहा कि वह पटेल आंदोलन से ज़रा दूरी बनाकर रहें.

hardik patelहार्दिक ने एक खुला संदेश देते हुए कहा कि आंदोलन केवल इस कारण से नहीं रोका जाएगा क्योंकि बीजेपी अध्यक्ष ऐसा चाहते हैं. हार्दिक ने सोशल मीडिया पर डाले गए संदेश में कहा कि मैं अमित शाह से इस मामले से दूर रहने का आग्रह करता हूं.

इस आंदोलन को पूरा देश व्यापी बनाया जाएगा. जब तक मैं जिंदा हूं, यह आंदोलन नहीं रूकेगा. यदि अमित शाह चाहते हैं कि आंदोलन कुचल दिया जाए तो फिर आपको मेरी जान लेनी होगी.

पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल अपनी मांग को लेकर लड़ाई जारी रखेंगे. इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने कहा कि अति पिछड़ा वर्ग आरक्षण श्रेणी में पटेल समुदाय को शामिल करने की मांग को लेकर जारी आंदोलन में किसी के दखल को बर्दास्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को भी इससे परे रहना चाहिए.

हार्दिक पटेल ने अमित शाह को एक सार्वजनिक पत्र लिखा है. इस पत्र के जरिये हार्दिक ने शाह को चेतवानी दी है की उनके जीते जी यह आंदोलन कभी खत्म नही होगा और अगर शाह ने मेरी भी (हार्दिक ) हत्या करवा दी तो गुजरात के हर घर में हार्दिक पैदा होंगे जो पाटीदार समाज के इस लड़ाई को जारी रखेंगे.

दरअसल, एक खबर सामने आई है कि बिहार विधान सभा चुनाव के बाद अमित शाह गुजरात वापस लौटेंगे और पाटीदार आंदोलन को अपने अंदाज में ख़त्म करेंगे. इसी खबर के परिप्रेक्ष्य में हार्दिक ने यह पत्र लिखा है.

हार्दिक ने पत्र में लिखा है कि आपके कहने से आंदोलन बंद थोड़ी न हो जायेगा.मेरे जीते जी हक़ और न्याय मिले बिना आंदोलन बंद नहीं होगा और आंदोलन दबाना है तो आप सिर्फ मुझे मरवा सकते हो.लेकिन अब हर घर हार्दिक है. मुझे मारोगे, हजारों हार्दिक खड़े होंगे. हमारी मांगे पूरी करो और न्याय दीजिये. उसके अलावा आप जो कर सकते है कीजिये. हमारे आंदोलन में दखल न करे क्योकि हम हरेन पंड्या-अमित जेठवा-संजय जोशी नहीं है.

गौरतलब है कि अमित शाह खुद अहमदाबाद के ही रहने वाले हैं और यहीं से जारी पटेल आंदोलन के नेता हार्दिक ने कहा है कि उन्हें अपने सूत्रों से पता चला है कि अमित शाह को पटेलों की इस मांग में बीच बचाव करने की जिम्मेदारी दी गई है. हार्दिक कहते हैं, उनके बोल देने भर से यह आंदोलन थमने वाला नहीं है और हमें पता है कि वह इसे रोकने के लिए दूसरे दाव पेंच का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसलिए मैं यह खुला संदेश उन्हें भेज रहा हूं कि वह दूर रहें.

हालांकि राज्य के बीजेपी नेताओं ने पटेल के इस संदेश पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की है, साथ ही यह भी कहा गया है कि आरक्षण आंदोलन को लेकर शाह के गुजरात दौरे के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

हार्दिक का आरोप है कि शाह के कहने पर उन्हें राज्य में कई जगह रैली और जन सभा करने से रोका जा रहा है.

गुजरात में आबादी का पांचवां हिस्सा पटेल समुदाय का है. पटेल समुदाय आरक्षण और ओबीसी दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर पिछले कई सालों से आंदोलन करता रहा है और इस आंदोलन की कमान अब हार्दिक पटेल की हाथों में है.

उधर आनंदीबेन पटेल की सरकार पहले ही पटेलों की मांग को पूरी करने में अपनी असमर्थता दिखा चुकी है.

हार्दिक पटेल, राज्य में सरकारी नौकरी और कॉलेजो में पटेलों के लिए आरक्षण की मांग करने वाले समुदाय के नेता हैं .पिछले तीन महीने चल रहे पाटीदार आंदोलन ने गुजरात के विकास मॉडल की छवि को न सिर्फ देश में ध्रूमिल किया है. बल्कि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गुजरात की साख को आंच पहुंची है,

स्थानीय निकाय के चुनाव के लिये भी गुजरात बीजेपी ने अब कमर कस ली है. पाटीदार आंदोलन के चलते बीजेपी ने निकाय चुनाव को पीछे धकेलने के मन बना लिया था लेकिन, अब संगठन ने निर्णय ले लिया है की निकाय के चुनाव जनवरी तक करवाकर आर या पार की लड़ाई लड ली जाए.

ऐसे में अमित शाह की गुजरात में एन्ट्री एक बार फिर गुजरात की राजनीती में गर्माहट ला सकती है।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...