निर्माता-निर्देशक श्याम बेनेगल सुधारेगें फिल्म सेंसर बोर्ड

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Shyam-Benegal

मोदी सरकार फिल्म सेंसर बोर्ड की सूरत बदलने की तैयारी कर रही है। सेंसर बोर्ड पिछले कुछ महीनों से लगातार विवादों में है। जिसके बाद अब सरकार ने एक समिति का गठन कर दिया है, जिसकी कमान मशहूर फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल को सौंपी गई है।

श्याम बेनेगल.. एक ऐसे निर्देशक हैं जो दर्शकों के सामने अलग तरह की फिल्में परोसने के लिए मशहूर हैं. जुबैदा, वेलकम टू सज्जनपुर, सरदारी बेगम, मंडी और अंकुर जैसी फिल्में बनाने वाले श्याम बेनेगल को अब सेंसर बोर्ड की सूरत सुधारनी है. समिति को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है.

श्याम बेनेगल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है- समय समय पर इस तरह की चीजें होती रहती हैं. 1928 में जब सेंसर बोर्ड पहली बार बना था और बाद में इसे फिल्म सर्टिफिकेशन बोर्ड कर दिया गया…और भी बदलाव हुए. ऐसी बातों पर समय-समय पर ध्यान देने की जरूरत है. इस समस्या का कोई स्थायी हल नहीं है. ये दूसरी कमेटी है, जिसका सरकार ने गठन किया है

इस समिति में निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा, पीयूष पांडे और फिल्म समीक्षक भावना सौमैया जैसे लोग शामिल हैं. खबरों के मुताबिक ये प्रधानमंत्री मोदी के कहने पर किया जा रहा है. कुछ दिन पहले ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि वो सेंसर बोर्ड को विवादों से मुक्त देखना चाहते हैं.

इसकी जरूरत इसलिए पड़ी है क्योंकि फिल्मकार लगातार इस बात की शिकायत कर रहे थे कि उनकी फिल्मों पर जबरन कैंची चलाई जा रही है. जेम्स बॉन्ड की फिल्म स्पेक्टर में किसिंग सीन काटे जाने को लेकर भी काफी आलोचना हुई थी. सेंसर बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष पंकज निहलानी हैं. जो इन विवादों का चेहरा बने हुए हैं.

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