नालंदा में खुलेगी चाणक्य आईएएस एकेडमी की शाखा

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 राजगीर, नालंदा (राम विलास) । रविवार को राजगीर के इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को लेकर आर्ट ऑफ सक्सेस सेमिनार का आयोजन किया गया। नालंदा के पुलिस  अधीक्षक  कुमार आशीष, चाणक्य आईएएस एकेडमी के संस्थापक निदेशक अरविंद कुमार मिश्रा और प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सज्जन आर ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर  सेमिनार का उद्घाटन किया ।

छात्र – छात्राओं से खचाखच भरे  हॉल में छात्रों को संबोधित करते हुए ए के मिश्रा ने कहा कि  दृढ़  इच्छाशक्ति और उचित मार्गदर्शन सफलता की कुंजी है । यदि किसी व्यक्ति को यह साधन उपलब्ध है तो आसानी से किसी भी निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है । क्योंकि आदमी के दिमाग से बढ़कर दुनिया में कोई चीज नहीं है ।

उन्होंने कहा स्टूडेंट अपनी आंतरिक शक्तियों को उजागर कर बड़ी से बड़ी कामयाबी हासिल कर सकता है । यहां सभी छात्र मेहनती होते हैं और उनमें कुछ कर गुजरने की अपार शक्ति होती है । जरूरत है उसे पहचानने एवं निर्देशित लक्ष्य की ओर अग्रसर होने की ।

श्री मिश्रा ने एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि नालंदा में शीघ्र ही चाणक्य आईएएस एकेडमी की शाखा खोली जाएगी । उन्होंने यह भी ऐलान किया कि पटना के एकेडमी में नालंदा के 10 मेधावी छात्रों को 50% , 10 मेधावी छात्रों को  75% और 2 प्रतिशत छात्रों को शत प्रतिशत छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ।

निदेशक की घोषणा की करतल ध्वनि से स्वागत किया गया । उन्होंने यह घोषणा नालंदा के पुलिस अधीक्षक  कुमार आशीष के मांग के अनुरूप किया ।

सक्सेस  गुरु अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि नालंदा की धरती प्राचीन काल से ही जागृत धरती है । यह वह ऐतिहासिक स्थल है , जिसने न केवल देश को एकीकृत भारतीय राजतंत्र का पाठ पढ़ाया।  वल्कि  विश्व को शिक्षित करने में नालंदा विश्वविद्यालय का अहम योगदान था। यह  महात्मा बुद्ध , तीर्थंकर महावीर जैसे तपोनिष्ठ ज्ञानियों की धरती है , जिससे देश ही नहीं  दुनिया को भी समानता,  सद्भावना एवं कल्याणकारी विकास का  ज्ञान दिया है । मगध साम्राज्य के निर्माता  जरासंध , बिंबिसार और अजातशत्रु कि यह जन्मभूमि है।  इसी मगध साम्राज्य से मौर्य शासक चंद्रगुप्त ने संपूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप को एकीकृत करके केंद्रीय कृत भारतीय शासन की नीव डाली थी । उनके वंशज सम्राट अशोक ने न केवल देश को  व्यापक प्रगति दिलाई,  बल्कि विदेशों में भी भारतीय संस्कृति को फैलाया। 

निदेशक मिश्रा ने कहा कि ज्ञान की इस नगरी में आकर मुझे अपार खुशी हो रही है । जहां से बड़ी संख्या में सरकारी एवं गैर सरकारी सेवाओं में चयन किया जाता है ।

सेमिनार के मुख्य अतिथि नालंदा के पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने कहा नालंदा ज्ञान की धरती है । इसने दुनिया को राह दिखाया है । नालंदा में मेधा शक्ति की कमी नहीं है।  IAS IPS भी कम नहीं है।  इसके बावजूद नालंदा के ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी हुई प्रतिभा को निखारने की जरूरत है।

उन्होंने कहा UPS की तैयारी में रात दिन पढ़ना पड़ता है। उन्होंने छात्रों से कहा आप हंस बने। जिस तरह हंस दूध और पानी को अलग कर देता है। इसी तरह से छात्रों को अपनी गुणों  से महान बननी चाहिए।  छात्रों को अपने अंदर  छिपी हुई प्रतिभा को बाहर लाने के लिए सतत प्रयत्नशील रहनी चाहिए । सामाजिक मूल्यों और दायित्वों के निर्वहन के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने नालंदा पुलिस की पुलिसिंग की तारीफ करते हुए कहा कि  वे गरीबों  , असहायो,  लाचारो के बीच वस्त्र और अनाज का वितरण करते हैं । इससे समाज में मेलजोल बढ़ता है । उन्होंने कहा कि नालंदा की पुलिसिंग व्यवस्था पूरे भारत में फैल गई है ।

इस अवसर पर नव नालंदा महाविहार डीम्ड विश्वविद्यालय , सैनिक स्कूल नालंदा,  आर पी एस स्कूल बिहार शरीफ , संत जोसफ स्कूल बिहार शरीफ , DAV पब्लिक स्कूल बिहार शरीफ,  सरस्वती विद्या मंदिर राजगीर को प्रतीक चिन्ह देकर एकेडमी के निदेशक  और पुलिस अधीक्षक के द्वारा सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी सज्जन आर ने विचार व्यक्त किया और अपने अनुभव बांटे । चाणक्य आईएएस एकेडमी पटना  शाखा के  प्रमुख डॉक्टर कृष्णा सिंह ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार और झारखंड में सिविल सेवा परीक्षा में एक बार क्रांति लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावे बैंकिंग,  रेलवे आदि की भी कोचिंग की सुविधा उपलब्ध है।

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