नालंदाः पुलिस और पत्रकार के बीच मारपीट, यह रहा सच

Share Button

राजनामा.कॉम। बिहार के सीएम नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा मुख्यालय बिहार शरीफ अवस्थित रामचन्द्रपुर बस स्टैंड में कल देर शाम उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब वरीय अफसरों के निर्देश पर वाहन लेने पहुंचे पुलिस वाले का पंगा जाने-अनजाने ही सही एक अखबार के दो पत्रकार से हो गई और कहते हैं कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई। 

हमारे एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क टीम को प्रत्यक्षदर्शियों, पुलिस, पत्रकार एवं अन्य स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार कल देर शाम स्थानीय लहेरी थानाध्यक्ष विरेन्द्र यादव एवं बिहार थानाध्यक्ष दीपक कुमार सदल-बल बिंद ईलाके में बाढ़ पीडितों के सहायतार्थ वाहन लाने रामचन्द्रपुर बस स्टैंड पहुंचे। उन्हें कम से कम 4 वाहन उपलब्ध कराने के वरीय अफसरों के फौरिक निर्देश मिले थे। पुलिस टीम जिस चौथे वाहन को अपने कब्जे में ले रही थी, उस वाहन में 7-8 लोग हरनौत की ओर जाने बैठे थे।

पुलिस के कहने पर उस वाहन पर बैठे सारे लोग नीचे उतर गए, लेकिन दो लोग नहीं उतरे। इसी बीच नीचे उतरे यात्रियों ने दो को भी नीचे उतरने की बात पुलिस से कही। पुलिस जब उन दो यात्रियों को उतारने का प्रयास किया तो वे उलझ गए और इसी बीच उनमें एक ने लहेरी थानाध्यक्ष पर हाथ चला दिया। इसके बाद थानाध्यक्ष के साथ रहे पुलिसकर्मियों के साथ व्यक्ति द्वय की हाथापाई हुई।

इसके बाद पुलिस को पता चला कि दोनों एक अखबार के पत्रकार हैं। उनमें एक दैनिक हिन्दुस्तान के बिहार शरीफ कार्यालय प्रभारी आशुतोष कुमार आर्य और दूसरा उनके सहयोगी कौशलेन्द्र कुमार है। इसके बाद नालंदा एसपी के निर्देश पर उक्त वाहन को छोड़ दिया और सयात्री हरनौत की ओर जाने दिया। दोनों पत्रकार हरनौत के ही रहने वाले हैं।

इधर, नालंदा जिले के पत्रकारों का एक खेमा मामले को तूल देने में जुट गया है। वहां के दैनिक अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार लहेरी और नगर थानाध्यक्षों द्वारा रामचंद्रपुर बस पड़ाव में यात्रियों के साथ दैनिक अखबार के ब्यूरो चीफ और रिपोर्टर की लाठी से पिटाई किए जाने का मामला सामने आया।

अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार घटना से जिले के पत्रकारों में खासी नाराजगी देखी जा रही है। एक सुर में वरीय अधिकारी से थानेदारों पर कार्रवाई की मांग हो रही है। प्रभारी आशुतोष कुमार आर्य और रिपोर्टर कौशलेंद्र कुमार कार्यालय से काम समाप्त कर अपने घर हरनौत लौट रहे थे। दोनों रामराज बस पर सवार थे। उसी दौरान घटना हुई।

अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार पत्रकारों ने अपना परिचय देते हुए मारपीट का विरोध किया तो उनकी भी पिटाई की जाने लगी। घटना के पहले उन्होंने एसपी को कॉल किया। कॉल रिसीव होने के बाद थानेदार गाली-गलौज करते हुए दोनों को लाठियों से पीटने लगे। हंगामा होने पर पुलिस ने बस को जब्त करने के बजाय स्टैंड से भगा दिया। चालक पत्रकार समेत अन्य यात्रियों को लेकर हरनौत के लिए निकल गया।

बहरहाल, यह मामला मीडिया की प्रतिष्ठा से जुड़ा प्रतीत नहीं होता है। इसमें मानवता आड़े आती है, जिसकी मिसाल सबको देनी चाहिए। अगर पुलिस बस को अन्य कार्यों के लिए जप्त करने  गई थी तो यह गंभीर विषय हो सकता था, लेकिन वह बाढ़ पीड़ितों की आपात सेवा के निर्देश पर सक्रिय थी। ऐसे में कोई पत्रकार क्या, हरेक नागरिक का कर्तव्य मदद भाव होनी चाहिए। न कि जन मानस के बीच अहं का प्रदर्शन।

अमुमन नालंदा का कोई पत्रकार या उसके अनेकों गुट-संगठन किसी पत्रकार की सम्मान की लड़ाई कभी लड़ते नहीं दिखे हैं। जबकि बात व्यक्ति विशेष पर आती है या स्वार्थ या अहंम पर आती है तो वे खलबला उठते हैं और फिर उसी राह पर चल पड़ते हैं, जो उन्हें शर्मसार करती है। पुलिस की अपनी चिरपरिचित शैली है। उस पर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन मीडियाकर्मियों की ऐसी हनक भी एक गंभीर पहलु है। 

Share Button

Relate Newss:

सीएम रघुवर दास के बेटे के कथित 'SEX AUDIO' -2
श्वेताभ सुमन की लंका में फूटी चिंगारी, सुनिये ऑडियो टेप
मौलिक पत्रकारिता से जुड़े सवाल
बीफ का बिजनेस करने वाले 95% हिन्दू, विधायक और सांसद चलाते हैं बीफ कंपनियां
मैग्सेस पुरस्कार पाने वाले 11वें भारतीय हैं रवीश कुमार
सुशासन बाबू के नालंदा में अराजकता, सिर्फ मीडिया में दिखता है सुशासन !
अच्छी रिपोर्ट के लिए जरुरी है पिचिंग
गोला गोली कांड : प्रशासन ने सर्पदंश व दुर्घटना को बताया मौत की वजह !
बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल सिंह शराब पीते धराये, गये जेल
गया पार्लर कांड: CM नीतिश के बेटे को फंसाने की थी साजिश!
पीएम मोदी के खिलाफ तिरंगा के अपमान का मामला दर्ज
फिर सबालों के घेरे में नालंदा की पत्रकारिता और पत्रकार संगठन
आपकी आंखों के सामने की ऐसी तस्वीर झकझोरती है रघुबर साहब
पद्मश्री बलबीर दत के सम्मान में पहुंचे मात्र तीन पत्रकार !
सुरक्षा गार्डों से भयभीत हैं प्रधानमंत्री की पत्नी यशोदाबेन!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...