नवयुवक पत्रकारों के लिये खतरनाक हैं ऐसे प्रयास

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राजनामा (मुकेश भारतीय)।  नवयुवक पत्रकारों की एक सबसे बड़ी कमजोरी है कि जब वे किसी मीडिया हाउस से येन केन प्रकरेन से जुड़ जाते हैं तो उऩके सामने कुछ नजर नहीं आता है। नजर आता तो बस तेल मालिश। और लोगों के बीच तीसमार खां बने फिरते हैं। यह भूल जाते हैं कि निम्न स्तर पर अस्थाई कार्य करने के दौरान अपने मीडिया हाउस की छवि तो दुरुस्त नहीं कर सकते हैं लेकिन,स्थानीय स्तर पर अपनी छवि को मजाक जरुर बना लेते हैं, जो निश्चित तौर पर उनके कैरियर के लिये काफी खतरनाक साबित होगा। 

media1किसी भी समाचार पत्र-पत्रिका या न्यूज चैनल में अब पहले सी बात नही रही। मीडिया हाउस के अंदर और बाहर जिस परिस्थिति में काम हो रहा है या लोग काम कर रहे हैं, यह बात अब किसी से छुपी नहीं रह गई है। फील्ड रिपोर्टरों की हालत तो और भी खराब है। अगर वे नेताओं-भ्रष्टाचारियों का लिफाफा लेकर समाचार की जगह प्रचार नहीं करे तो उसे दो जून की रोटी भी नसीब नहीं हो।

बहरहाल, हम बात करते हैं एक ऐसे ही नवयुवक पत्रकार की। वह पहले कुछ समय तक रांची से मौर्या टीवी के लिये काम करता था। मौर्या टीवी से छंटनी के बाद उसकी दुनिया काफी समय तक एक कमरे में सिमट गई। इधर जी पुरवईया(जी न्यूज) न्यूज चैनल में अवसर मिल गया है।

यह नवयुवक पत्रकार भारतीय क्रिकेट के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का अंधभक्त रहा है। लेकिन आजकल उसने अपना तेवर बदल लिया है। उसका यह बदलाव उस दिन से आया है, जबसे धोनी ने न्यूज चैनलों खासकर जी न्यूज पर तथाकथित मनगढ़ंत खबरों को लेकर सौ करोड़ के मानहानि का मद्रास हाई कोर्ट में ठोक दिया है।

हमने उक्त नवयुवक पत्रकार के फेसबुक पर उड़ेले गये 3 चुनिंदा पोस्ट का उल्लेख कर रहे हैं।

1). खबर है कि मशहूर क्रिकेटर करोड़ीमल ने वर्ष 2000-01 में रोहिंग्टन बारिया ट्राफी खेली थी. कोलकाता में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में ऐसे खिलाड़ी खेलते हैं जो इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट खेल चुके हो और बेहतर प्रदर्शन कर चुके हों. अब सवाल यह है कि जब करोड़ीमल 2005-06 में यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेते हैं तो आखिर उस टूर्नामेंट में 2001 में खेलें किस आधार पर? ऐसे फर्जी तरीके से जूनियर लेवल पर खिलाड़ियों के हो रहे चयन का ही परिणाम है कि इंटरनेशल तक आते आते हम पिछड़ जाते हैं.

2) पैसे के अभाव में इलाज़ नहीं होने के कारन आखिरकार उस बच्ची ने दम तोड़ दिया जिसके परिजन और दोस्त सौ करोड़ी मशहूर क्रिकेटर के चौखट पर मदद मांगने पहुंचे थे. और उन्होंने कहा था मदद नहीं कर सकता।

3). एक मशहूर क्रिकेटर ने अपने मान सम्मान की कीमत एक अरब रुपये लगाई है. लेकिन जब उसी सौ करोड़ी क्रिकेटर के चौखट पर मदद मांगने के लिए गम्भीर बिमारी से ग्रसित एक बच्ची के परिजन और उसके चाहने वाले दिन भर खड़े रहते हैं तो वो एक रूपया की भी मदद नहीं करता।

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