धन्य है बिहार के नेता… धन्य है बिहार के पत्रकार…

Share Button
Read Time:4 Minute, 39 Second

वरिष्ठ लेखक-पत्रकार कृष्ण बिहारी मिश्र अपने फेसबुक वाल पर……

इन दिनों बिहार के दो यादव नेताओं का पूरे देश में धूम है। एक है राजद सुप्रीमो लालू यादव और दूसरे है राजद के ही विधायक नीरज यादव। दोनों की समानता यह है कि दोनों पत्रकारों से ही भीड़ गये है। लालू यादव रिपब्लिक टीवी के पत्रकारों को उनकी औकात बता रहे है, वहीं नीरज यादव तो प्रभात खबर के पत्रकार को गालियों से नवाज दिया है।

अगर इनसे संबंधित समाचारों की बारीकियों को देखें तो रिपब्लिक टीवी के पत्रकार लालू के समक्ष शेर की तरह भिड़ते नजर आ रहे है, वहीं प्रभात खबर का पत्रकार नीरज यादव के समक्ष मिमियाता नजर आ रहा है, प्रभात खबर के पत्रकार का नीरज यादव के समक्ष मिमियाने से एक बात स्पष्ट हो रही है कि प्रभात खबर के पत्रकार ने कुछ गड़बड़ियां की है, नहीं तो वह उक्त नेता के आगे मिमिया नहीं रहा होता।

दूसरी ओर रिपब्लिक टीवी के पत्रकार का निर्भीकता के साथ लालू से भिड़ना और उनसे उन्हीं की भाषा में बात करना, सब कुछ सिद्ध कर देता है कि अब पहलेवाली बात नहीं रही। न तो लालू 1990 वाले लालू है और न उनकी अब वैसी गरिमा है। वह भी इसलिए कि, 1990 के लालू पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं था, वह गरीबी से निकले थे, और बिहार का सत्ता संभाला था, वह भी अपने दम पर, लेकिन इधर के कुछ सालों में, तो वे भ्रष्टाचार के साक्षात प्रतिमूर्ति बन गये है।

इधर भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी द्वारा लगातार किये जा रहे राजनीतिक हमले ने उन्हें बेचैन कर दिया है। स्थिति ऐसी है कि इनसे बचने के लिए इनके पुत्रों ने तंत्र-मंत्र का भी सहारा लेना शुरु कर दिया है, पर इनसे भी इनकी रक्षा होगी, कहां नहीं जा सकता।

नीतीश कुमार तो ऐसे भी, मस्ती में है, वे जानते है कि लालू पर जितना राजनीतिक हमला अथवा भ्रष्टाचार का शिकंजा कसेगा, उनकी कुर्सी उतनी ही सुरक्षित रहेगी, क्योंकि लालू का ज्यादातर ध्यान अपनी राजनीतिक छवि को सुधारने और भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्ति पाने पर केन्द्रित रहेगा और नीतीश बहुत ही आसानी से ये पंचवर्षीय पारी भी खेल जायेंगे और अपनी छवि भी बिहार और बिहार के बाहर बना लेंगे।

यह कहकर कि लालू जैसे भ्रष्टों के संग रहकर भी, उन पर कोई दाग नहीं है, इसी को तो राजनीति कहते है, पर लालू और नीरज ने जिस प्रकार से बिहार के सम्मान पर दाग लगाया है, वह बताता है कि आनेवाले समय में बिहारियों का गिन्जन होना तय है, क्योंकि जैसे उनके नेता होंगे, बिहारियों की छवि बिहार के बाहर, तो वैसे ही बनेगी।

ऐसे भी जहां मूर्ख ट़ॉप करते हो, जहां महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस खूलेआम बदतमीजी करता हो, सब कुछ बता रहा है कि बिहार की प्रतिष्ठा बाहर मे कैसी बन रही है और ले-देकर बिहार के कुछ पत्रकारों की मिमियानेवाली कला ने तो यहां के पत्रकारों के कुकृत्यों को भी सामने लाकर खड़ा कर दिया है. भाई नेताओं से लाभ भी लेंगे और उनकी धज्जियां भी उडायेंगे तो गाली सुनना ही पड़ेगा, भला इतनी बात कथित पत्रकारों को समझ नहीं आती।

(यह आलेख आप श्री कृष्ण बिहारी मिश्र के ब्लॉग पत्रकारिता का सच www.vidrohi24.blogspot.in पर भी पढ़ सकते हैं।)

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Relate Newss:

सीएम नीतिश कुमार का फरमान , ईटीवी को कोई बाईट नहीं दें जदयू नेता !
झारखंडः आप का सत्यानाश, केजरीवाल की थू-थू
HC से एम.जे. अकबर मामला में 'NDTV' को कड़ा झटका
किसने खड़ी की यहां भ्रष्टाचार की यह अर्द्धनग्न ईमारत !
NDA की अग्नि परीक्षा शुरु, RJD की टिकट पर लड़ेेंगे JDU विधायक
अरुण जेटली पर लगे आरोपों से अंदर तक आहत हैं इंडिया टीवी के रजत शर्मा !
बचिये ऐसे विज्ञापनों से, हमें मूर्ख बना रहे हैं ये
मोदी जी का कश्मीर दौरा और उठते राजनीतिक सवाल
महिला पत्रकार की अतरंग वीडियो वायरल करने वाले 27 पत्रकारों पर पुलिस की गाज
छोटा राजन जैसे निर्मम आतंकी को मत बनाईए देश और दलितों का आदर्श
गेटवे ऑफ इंडियाः भूले बिसरे बात पुरानी
बहुमत साबित करने तक फैसले न लें मांझी : हाई कोर्ट
अंततः कैंसर की आगोश में समा गये बिहार के वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार
बिहार महासंग्राम में मोदी का 53 तो सोनिया का 100 रहा चुनावी स्ट्राइक रेट
MLA अमित कुमार की CBI जांच की मांग पर केन्द्रीय गृहमंत्री के रवैये की आलोचना
मौन है लखनऊ के दल्ले पत्रकारों की कलम !
3 साल बाद भी CID को नहीं मिला शरतचंद्र हत्या कांड का सुराग, CBI जांच की मांग
धनपशुओं की मात्र दुकान बन गई हैं ऐसे न्यूज़ चैनल
मांझी को 48 घंटे में शक्ति परीक्षण के लिए कहें राज्यपाल :जदयू
जयललिता की तर्ज पर धमकियां दिलवा रहे हैं सीएम :सुशील मोदी
सड़क हादसे का शिकार हुआ आंचलिक पत्रकार, हालत गंभीर, रेफर
बेउर जेल में बंद कुख्यात रीतलाल के घर पहुंचे लालू
दगंलः आमिर खान की एक और बजोड़ फिल्म
सूचनायुक्तों की बहाली प्रक्रिया को जान बूझ लटका रखी है रघुबर सरकार
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने की मीडिया की जमकर प्रशंसा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...