दैनिक हिंदुस्तान के जिलावार अवैध संस्करणों में सरकारी विज्ञापन पर रोक

Share Button

राजनामा न्यूज। बिहार में दैनिक हिन्दुस्तान अखबार द्वारा कई फर्जी संस्करणों के प्रकाशन और अवैध ढंग से सरकारी विज्ञापन छापकर सरकारी खजाना लूटने से जुड़े एक मुकदमे की सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच बिहार सरकार के सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग ने भागलपुर प्रिंटिंग स्टेशन से प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर संस्करण सहित अनेक अवैध जिला संस्करणों में सरकारी विज्ञापन प्रकाशन को स्थगित कर दिया है।

उदाहरण के तौर पर एक फरवरी को दूसरे हिन्दी दैनिकों के मुंगेर संस्करण में पब्लिक सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, पटना के सरकारी विज्ञापन प्रकाशित हुए हैं, परन्तु दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर सहित अन्य कई जिलावार संस्करणों में ये सरकारी विज्ञापन  प्रकाशित नहीं हुए हैं। दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर संस्करण में इन दिनों झारखंड राज्य के विज्ञापन भरे पड़े हैं।

इस बीच हिंदुस्तान अखबार द्वार मुंगेर समेत कई संस्करणों के अवैध प्रकाशन के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो कोर्ट बिहार के दैनिक हिन्दुस्तान के फर्जी संस्करण के प्रकाशन और सरकारी विज्ञापन घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करेगा।

इस पर पीटिशनर शोभना भरतिया की ओर से कोर्ट में बहस कर रहे सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा ने कोर्ट को कहा- ‘माई लार्ड, एसआईटी की कोई जरूरत नहीं है… नो नीड आफ एसआईटी, माई लार्ड।’

बता दें कि अठारह जनवरी 2018 को बहस की निर्धारित तिथि पर पीटिशनर शोभना भरतिया और बिहार सरकार के अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति को सुप्रीम कोर्ट ने काफी गंभीरता से लिया अपनी गहरी नाराजगी प्रकट की।

सुप्रीम कोर्ट ने 18 जनवरी, 2018 को पारित अपने आदेश में अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए  निम्नलिखित आदेश पारित किया है, ‘‘न्याय का तकाजा है कि कोर्ट दोनों पार्टियों पीटिशनर शोभना भरतिया और रेसपोन्डेन्ट नंबर एक बिहार सरकार को अगली तारीख 14 मार्च, 2018 को अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका प्रदान करता है। पीटिशनर के अधिवक्ता की अनुपलब्धता की स्थिति में आज बहस स्थगित की जाती है।”

सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर-02 में न्यायमूर्ति जे. चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति  संजय किशन कौल की खण्डपीठ दैनिक हिन्दुस्तान अखबार की मालकिन शोभना भरतिया की अपील पर सुनवाई कर रही थी।

इस मुकदमे में रेसपोन्डेन्ट नंबर दो मुंगेर के मन्टू शर्मा हैं।  इनकी ओर से बहस में हिस्सा ले रहे बिहार के अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने बहस में पीटिशनर शोभना भरतिया के अधिवक्ता के बहस में हिस्सा न लेने पर न्यायालय से पीटिशनर शोभना भरतिया पर बड़ा जुर्माना लगाने की प्रार्थना की और न्यायालय को बताया कि वे लगभग पांच वर्षों  से कोर्ट की कार्यवाही में नियमित भाग ले रहे हैं, परन्तु पीटिशनर शोभना भरतिया और बिहार सरकार के अधिवक्तागण बहस से कतरा रहे हैं।

इस पर न्यायाधीश द्वय ने काफी समय तक विचार-विमर्श के बाद उपरोक्त लिखित आदेश पारित किया और पीटिशनर और बिहार सरकार को अगली तिथि को बहस में हिस्सा लेने और अपना-अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका प्रदान किया।

स्मरणीय है कि पिछली तिथि को बिहार सरकार के विद्वान अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष इस मुकदमे से जुड़ी संचिकाओं की चोरी होने की स्थिति में बहस में हिस्सा लेने में असमर्थता प्रकट की थीं और अगली तिथि को बहस में हिस्सा लेने की बात न्यायालय से कही थी।

Share Button

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...