दैनिक जागरणः चाटूकारिता की हद

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jagranराजनामा (मुकेश भारतीय)। वेशक पत्रकारिता का पर्याय अब चाटूकारिता हो गई है। जिस मीडिया हाउस की जीभ जितनी अधिक लंबी होती है, वह उतनी ही सफाई से अपना काम करती है। दैनिक जागरण के वेबसाइट पर “कौन बनेगा काशी का सरताज – मोदी या केजरीवाल ?” शीर्षक से जिस लहजे में अपनी राय मांगी है। यदि वह चाटूकारिता की हद नहीं तो पेड कंटेंट अवश्य है। जरा गौर से पढ़िये भारत में नंबर1 अखबार होने के ढिंढोरे पीटने वाले दैनिक जागरण अखबार के इस अपील को। जिसे हुबहु अवस्था में प्रस्तुत किया जा रहा हैः-

“कौन बनेगा काशी का सरताज – मोदी या केजरीवाल?

प्रिय पाठक,

भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की बढ़ती ताकत को रोकने के लिए कई दल लामबंद हो रहे हैं। उनका मकसद है ‘कैसे भी करके नरेंद्र मोदी को वाराणसी सीट हराना’। हालांकि अभी ‘आप’ ने वाराणसी से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि बहुत जल्द ही पार्टी के सबसे लोकप्रिय नेता अरविंद केजरीवाल का नाम आगे किया जा सकता है। अब सवाल यह उठता है कि क्या धर्मनिरपेक्षता का चोला ओढ़े यह सभी पार्टियां मोदी की बढ़ती ताकत को रोकने में सफल हो पाएंगी?

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जागरण जंक्शन ने सार्थक चर्चा के उद्देश्य से फोरम के माध्यम से इसे आपके सामने रखा है। यदि आप इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी राय रखना चाहते हैं तो निम्नलिखित लिंक पर क्लिक करें:

कौन बनेगा काशी का सरताज – मोदी या केजरीवाल?

नोट: यदि आप इस जानकारी को किसी के साथ साझा करना चाहते हैं तो उपरोक्त मेलर के दाहिनी ओर दिए गए Forward to your friends लिंक पर क्लिक करें:

धन्यवाद

जागरण जंक्शन परिवार

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