देखिए आज तक की डिस्क्लेमर हद, रिजल्ट पूर्व नीतिश-मोदी के विजयी भाषण तक गढ़ डाले

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डिस्क्लेमर के साथ लोग कुछ भी दिखा छाप सकते हैं। कम से कम देश के जाने माने न्यूज चैनल आज तक की बेबसाइट  की इस टैग लाइन के साथ खबरों का अध्ययन करें तो यही स्पष्ट होता है।

यहां पर दो अहम खबरें हैं। दोनों खबर  “  डिस्क्लेमरः भाषण के ये अंश आधिकारिक नहीं हैं और न ही aajtak  इसकी पुष्टि करता है ” टैग लाइन के साथ प्रकाशित की गई है।

पहली खबर “चुनाव परिणाम से पहले नीतीश कुमार का भाषण हुआ लीक !”  शीर्षक से है।

खबर में लिखा है कि …..

nitishजय और पराजय के बीच दो दिन का फासला है. महागठबंधन और एनडीए को राज्य की जनता उलझाए या न उलझाए लेकिन एग्जिट पोल करने वाली एजेंसियों ने पूरी तरह उलझाकर रख दिया है.

एनडीए में मुख्यमंत्री पद को लेकर तो महागठबंधन में मंत्रीप द पर घमासान जारी है. चूंकि महागठबंधन ने पहले ही अपना मुख्यमंत्री घोषि‍त कर रखा है, ऐसे में वहां सारी मारामरी मंत्री बनने को लेकर है.

इस बीच नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण वाले दिन के भाषण के कुछ अंश लीक हो गए हैं. हालांकि इसकी आधि‍कारिक तौर पर किसी ने पुष्टि‍ नहीं की है लेकिन बताया जा रहा है कि यह नीतीश कुमार के भाषण के अंश हो सकते हैं.

भाषण के अंश:

इस जीत के लिए आप सभी को बधाई. खासकर हमारे बिहारी भाई-बंधुओं को बधाई, जिन्होंने साबित कर दिया कि हमारे डीएनए में कोई खराबी नहीं है बल्क‍ि खराबी उनकी सोच में थी जो हार गई.

इस जीत ने एक बात और साबित कर दी कि ‘गगन बिहारी’ जैसे लोगों की बिहार में कोई जरूरत नहीं है और न ही बिहार को किसी के विकास मॉडल की नकल करने की जरूरत है.

बिहार को भीख की तरह पैसा देने की घोषणा करने वाले लोगों को यहां की जनता ने बता दिया है कि हमें अपना हक चाहिए, भीख नहीं. ये लोग कहते थे कि हम बिहार में फिर से जंगल राज लाने जा रहे हैं लेकिन गुजरात मॉडल को लेकर घूमने वाले हमारे देश के प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों को राज्य की जनता ने जता दिया कि हमें उनके कमंडल की जरूरत नहीं है.

लालूजी जमीन से जुड़े नेता रहे हैं. उन्हें यहां की जनता की परवाह है. हम साथ इसलिए आए कि बिहार में बाहरी घुसपैठ को रोका जा सके और इसे आपने सही साबित कर दिया. ‘जुमला बाबू’ , ‘गगन बिहारी’ को हराने के लिए धन्यवाद!

ठीक इसी तरह “डिस्क्लेमरः भाषण के ये अंश आधिकारिक नहीं हैं और न ही aajtak.in इसकी पुष्टि करता है ” के साथ “बिहारः नतीजों से पहले सुशील मोदी का विजयी भाषण लीक! ” शीर्षक से अन्य दूसरी खबर भी प्रकाशित की गई है।

खबर में लिखा है कि…..

sushilबिहार चुनाव के नतीजे भले ही 8 नवंबर को आने वाले हैं, लेकिन एग्जिट पोल ने दो दिन के लिए दोनों गठबंधनों को खुशी दे दी. एनडीए अपनी और महागठबंधन अपनी जीत को लेकर बेफिक्र है. दो सर्वेक्षणों में महागठबंधन और चार में बीजेपी को आगे बताया गया है. लिहाजा दोनों में सरकार बनाने की तैयारी चल रही है.

हालांकि जाहिर तौर पर डर भी दोनों में ही होगा. लेकिन फिलहाल दोनों महागठबंधनों के नेता अपना-अपना विजयी भाषण लिखने-लिखवाने में व्यस्त हैं. इस बीच, राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी के विजयी भाषण का मजमून तैयार हो गया है और इसके कुछ अंश लीक हो गए हैं.

मित्रो…! बिहार की जनता, चुनाव आयोग, मीडिया तथा चुनाव से जुड़े लोगों का मैं आभार व्यक्त करता हूं. मैं शुरू से कहता रहा था कि बीजेपी की जीत सुनिश्चित है. यह बदलाव का जनादेश है. इस बार की दि‍वाली ऐतिहासिक है. हर बार लक्ष्मीपूजन से पहले नरक चतुर्दशी मनाई जाती है. जंगल-झाड़ और कूड़े-कबाड़ पर अंतिम झाड़ू लगाई जाती है. बिहार की जनता ने भी नरक चतुर्दशी मनाई है. जंगलराज और कूड़े-कबाड़ पर अंतिम झाड़ू लगा दी है. इस जनादेश ने गरीबी और कुशासन का सूपड़ा साफ कर दिया है.

यह सुशासन के लिए दिया गया जनादेश है. सरकार बदली है…अब बिहार भी बदलेगा…! उन्होंने लाख दुष्प्रचार किया, लेकिन बिहार की जनता ने उन्हें आईना दिखा दिया. अब पुराने दिन लद गए समझिए. अपहरण, दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों पर अत्याचार खत्म होगा. समझिए अच्छे दिन आ गए…

बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को पीएम मोदीजी से नाता तोड़ने का सबक सिखाया है. आरक्षण के नाम पर संप्रदाय की राजनीति करने वालों की पोल खुली है. महागठबंधन ने बीजेपी को रोकने के लिए गोहत्या के नाम पर अपनी सियासत चमकाने की कोशिश की थी. लेकिन हम अब गोहत्या रोकने के लिए कड़ा कानून बनाएंगे, जिसमें एक लाख रुपये जुर्माना और 10 साल तक की कैद का प्रावधान होगा. अब बिहार परिवर्तन के विकास पथ पर दौड़ेगा. 

यह किसी बीजेपी या एनडीए की नहीं, बिहार की जनता की जीत है. इस जीत के लिए बिहार की जागरूक जनता को बहुत-बहुत बधाई…कोटि-कोटि धन्यवाद.

अब सबाल उठता है कि इस तरह की डिस्क्लेमर के साथ बगैर सिर-पूंछ की खबर छापने के पीछे मानसिकता क्या है। इसका बेहतर जबाब चैनल के पुण्य प्रसुन्न वाजपेयी सरीखे मंझे हुए लोग ही दे सकते हैं।

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