…..तो 2015 के चुनाव में नहीं मांगेगें वोट :नीतिश कुमार

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बिजली सबको देना मेरा संकल्प है। गांव-गांव में बिजली का तार कंडक्टर, ट्रांसफर्मर लगा रहे हैं। बिजली हर जगह चाहिये। विद्युतीकरण हर दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। हर दृष्टिकोण से बिजली के संचरण (ट्रांसमिशन) और डिस्ट्रीब्यूशन (वितरण) क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हर प्रखण्ड में कम से कम एक पावर सब स्टेशन अवश्य रहे। हर अनुमण्डल में कम से कम एक ग्रीड सब स्टेशन स्थापित किये जाने की योजना है” 

nitish_kumarमुख्यमंत्री नीतीश कुमार अधिवेशन भवन में समेकित रूप से रिमोट कंट्रोल के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र की लगभग 12 हजार करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन/ शिलान्यास एवं कार्यारंभ कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में बहुत सारे महत्वपूर्ण कार्य हुये हैं। आज ही बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कम्पनी लिमिटेड एवं एनएचपीसी लिमिटेड तथा एनटीपीसी लिमिटेड के बीच लगभग 18 हजार करोड़ रूपये की लागत से पिरपैंती एवं करजा में बनाये जाने वाले विद्युत ताप घर के लिये एमओयू (सहमति पत्र) हस्ताक्षर किये गये हैं। पिरपैंती में एनएचपीसी के सहयोग से तथा करजा में एनटीपीसी के सहयोग से विद्युत ताप घर का निर्माण होगा।

एनटीपीसी की ओर से अध्यक्ष श्री अरूप राय चैधरी एवं एनएचपीसी की ओर से अध्यक्ष श्री डी पी भार्गव ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर की, जबकि बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कम्पनी की ओर से प्रबंध निदेशक श्री जीतेन्द्र श्रीवास्तव ने सहमति पत्र हस्ताक्षर किया एवं हस्ताक्षर पत्र का आदान-प्रदान किया।

नवीनगर में सुपर थर्मल पावर स्टेशन के निर्माण का कार्य चल रहा है। कहलगांव और बाढ़ में उत्पादन शुरू हो गया है। चैंसा में एसजेवीएन थर्मल पावर स्टेशन के निर्माण का कार्य कर रही है। एनटीपीसी पहले से यहां काम कर रहा है। एनएचपीसी ने भी थर्मल पावर के क्षेत्र में यहां पर काम प्रारंभ कर दिया है। विद्युत ताप घरों के निर्माण के लिये जमीन का अधिग्रहण हो चुका है।

एनटीपीसी से बड़ी आशा एवं अपेक्षा है, वे शीघ्र ही करजा में 1320 मेगावाट के विद्युत ताप घर के निर्माण का कार्य शुरू कर देंगे। एनएचपीसी पिरपैंती में 1320 मेगावाट क्षमता का विद्युत ताप घर बनायेगा। जेनरेशन, डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रांसमिशन व्यवस्था को सुदृढ़ कर राज्य में विद्युत की स्थिति में गुणात्मक सुधार लाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत व्यवस्था को ठीक करने के लिये संचरण एवं वितरण व्यवस्था को ठीक करने के लिये बड़ी धनराशि लगा रहे हैं। बारह हजार करोड़ रूपये की अतिरिक्त सहायता में से 9200 करोड़ रूपये ऊर्जा क्षेत्र पर खर्च कर रहे हैं। राज्य में अभी 2300 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति कर रहे हैं। व्यापक सुधार आया है, एक-एक चीज की मॉनिटरिंग हो रही है। समय पर उपभोक्ताओं को बिजली बिल मिलना चाहिये। देर से बिजली बिल उपभोक्ताओं को दिया जाना प्रबंधन की गलती है। बिजली बोर्ड की समस्याओं के निस्तार के लिये माइक्रो मैनेजमेंट की जा रही है। दो-चार डिफाल्टर के कारण पूरे गांव की बिजली नहीं काटी जानी चाहिये। गलत करने वाले पकड़े जायेंगे, कठोर कार्रवाई करनी हो तो पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई करनी चाहिये। 27 जिलों में बिजली व्यवस्था के सुधार के लिये टेंडर फाइनलाइज हो चुका है। दो साल में पूरा काम हो जायेगा। ससमय काम पूर्ण हो जायेगा तो विद्युत क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियां दिखाई देंगी। गांव-गांव में बिजली पहुंचा पायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि जब वे केन्द्र में मंत्री थे, उसी समय बाढ़ विद्युत ताप घर को स्वीकृति दिलायी थी तथा राज्य में रेल ओवरब्रिजों के लिये बजट प्रोविजन कराया था। उन्होंने इस अवसर पर एनटीपीसी के अध्यक्ष अरूप राय चैधरी से कहा कि वे बिहार के हैं। बिहार के लोग उन पर अधिकार रखते हैं। विद्युत ताप घर के लिये कोल ब्लॉक मिल चुका है। पानी, जमीन, कोयला एवं अन्य क्लियरेंस दे रहे हैं। उन्होंने परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने को कहा और एनटीपीसी में इंजीनियरों को नौकरी एवं तनख्वाह दिये जाने को भी कहा।

उन्होंने कहा कि आप नौ रत्न नहीं महारत्न हैं। उन्होंने अपने चीन यात्रा का जिक्र करते हुये कहा कि उन्होंने चीन के पावर प्लान्ट को देखा है। पाॅच सौ एकड़ भू क्षेत्र में चार हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होती है। उन्होंने कम जमीन पर काम चलाने की सलाह दी और इसके लिये नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने को कहा। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि करजा और पिरपैंती अपने निर्धारित समय सीमा दो साल के अंदर पूरा हो जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश क्वालिटी बिजली देने की है, इसके लिये ट्रांसफर्मर की क्षमता को बढ़ा रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र के अंदर प्राप्त उपलब्धि और बाधाओं की जानकारी ले रहे हैं ताकि हर नागरिक को बिजली मिले। उन्होंने ऊर्जा विभाग के सभी अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे पूरी मेहनत और लगन से अपने दायित्वों का निर्बाह करें और राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर करने में सहयोग करें।

समारोह की अध्यक्षता ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने किया और इस अवसर पर बिहार विद्युत विनियमन आयोग के अध्यक्ष यू0एन0 पंजीयार, मुख्यमंत्री के विद्युत सलाहकार पी के राय, प्रबंध निदेशक साउथ बिहार पावर होल्डिंग कम्पनी संतोष कुमार मल्ल, नॉर्थ बिहार पावर होल्डिंग कम्पनी संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा सहित अनेकों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।  

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