……तो तुम गरीब कैसे हुए ?

Share Button
Read Time:2 Minute, 9 Second

राजनामा.कॉम। उन दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन थे। एक दिन उनके पास एक युवक आया जो अपनी बेकारी से तंग आ चुका था और भीख मांगने के बारे में सोच रहा था। उसने लिंकन से कहा-मैं बहुत गरीब हूं। ईश्वर ने मुझे कुछ भी नहीं दिया है, कृपया दया करें। लिंकन ने उस युवक को ऊपर से नीचे तक देखा। फिर कहा-ठीक है, मैं तुम्हें दो हजार डॉलर दे देता हूं, तुम अपने दोनों पैर मुझे दे दो।

युवक परेशान होकर बोला- मैं पैर तो नहीं दे सकता, क्योंकि फिर मैं चलूंगा कैसे? इसके बाद लिंकन बोले-अच्छा पैर नहीं दे सकते! कोई बात नहीं अपने दोनों हाथ मुझे दे दो। मैं तुम्हें दस हजार डॉलर दे देता हूं। इसपर युवक बोला-सर, दस हजार डॉलर तो क्या, कोई मुझे पचास हजार डॉलर भी दे तो मैं उसे अपने हाथ नही दे सकता।

लिंकन ने हंसकर कहा- चलो, अपनी आंखें ही दे दो। मैं अभी तुम्हें एक लाख डॉलर नकद दिलवा देता हूं। इस पर युवक ने कहा- आप कैसी बात करते हैं? कभी पैर मांगते हैं, कभी हाथ मांगते हैं तो कभी आंखें और इनकी कीमत आप डॉलर में आंकते हैं। कोई अपने अंग भला कैसे दे सकता है?

इस पर लिंकन ने ठहाका लगाया और बोले- देखो युवक, जब ईश्वर ने तुम्हें इतनी कीमती चीजें दी हैं तो तुम गरीब कैसे हुए? क्या तुम्हें यह कहना शोभा देता है? कि तुम्हारे पास कुछ नहीं है। जाओ, मेहनत-मजदूरी करो। मैं खुद भी मजदूरी करता था और आज यहां तक पहुंचा हूं। ये हाथ भीख मांगने के लिए नहीं हैं। इन्हें काम के लिए उठाओ या प्रभु की प्रार्थना के लिए। (साई फीचर्स)

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Relate Newss:

जो हुकुम सरकारी, वही पके तरकारी !
मीडिया मालिकों के कालाधन पर क्यों नहीं पड़ा छापा : आलोक मेहता  
आशुतोष के आंसू, पत्रकारिता को चुनौती !
अमित शाह ने विपक्ष को कुत्ता-कुत्ती बताने के चक्कर में मोदी को विनाश का प्रतीक बना दिया
पगड़ी, फोटो, रिलायंस-अलायंस जैसे मुंडा के प्रयासों का क्या होगा असर ?
एक उलगुलान की बेचैनी है आजाद सिपाही !
यहां सीबीआई के पूर्व निदेशक को मिलते हैं ऊंचे ओहदे
गुजरात की कीमत पर बिहार की जीत नहीं चाहती है आरएसएस! बहाना या सच ?
पहले 'जय जवान,जय किसान' और अब 'मर जवान,मर किसान'
रघु’राज में झारखंडी मीडिया को धिक्कार, कोई नहीं समझता बिटियों की पीड़ा
एक यौन शोषण का सच और त्रिया-चरित्र !
दिल्ली में गड़बड़ा गए हैं भाजपाई !
पत्रकार पुत्र को शराब पिलाई गई थी या हत्यारों ने पी थी !
हम युवा पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए मांग रहे हैं विशेष राज्य का दर्जा
अपने कुत्ते को एडिटर बुलाते थे विनोद मेहता !
अनुचित है रांची कॉलेज का नाम बदलना
न्यूज पोर्टलो में निष्पक्षता का अभाव
भाजपा के आईटी विंग का फर्जी फेसबुक आईडी से बदनाम करने का प्रयास !
अरविन्द की राजनीतिक भूल या अदूरदर्शिता
रेंगने को मजबूर क्यों हुआ एन डी टीवी ?
'आप' पार्टी की थेथरई तो देखिये
इलाहाबाद में 10 मार्च से होगी पाँचवी अरविन्द स्मृति संगोष्ठी
मोदी जी , यह कैसा स्मृति दोष
हे आर्य, तेनु काला चसमा सजदा हे देव जँचता जी रुखड़े मुखड़े पे
जरुरत है Brand Bihar को बेहद सशक्त करने की

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...