‘ड्रग सिंडिकेट’ का बड़ा किंगपिन है बिहार का यह ‘बालू किंग’

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 admin-ajaxपटना पुलिस ने दो दिनों पहले दो करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी । कुछ सौदेगार भी धराये । लेकिन एसएसपी मनु महाराज की टीम का यह खुलासा बहुत बड़ा है कि बिहार में ‘ड्रग सिंडिकेट’ का सबसे बड़ा किंगपिन आरा के राधाचरण सेठ हैं । सेठ की कहानी जब भी आप सुनेंगे,लोग अलग-अलग बहुत कुछ सुनायेंगे ।

फर्श से अर्श की कहानी मैंने बहुत सुनी है,लेकिन राधाचरण सेठ का वाकया आज तक समझ नहीं पाया । खैर,मनु महाराज के तेवर बहुत कड़े हैं । कहा जा रहा है कि पूरे सिंडिकेट को ब्रेक करने को कई टीमों का गठन किया गया है । इलेक्‍ट्रानिक सर्विलांस की मदद ली जा रही है । सेठ की तस्‍वीर भी टीम को मिल गई है । कई जगहों पर टीम को रवाना कर दिया गया है । संपत्ति खंगालने को आर्थिक अपराध यूनिट से भी कहा जा रहा है ।

 sethइतना सब कुछ के बाद भी सेठ पुलिस नेट में आ ही जायेंगे,मुझे थोड़ा शक-सुबहा है । वजह कि सेठ की परछाईं बहुत दूर तक है । पुलिस की नेटवर्किंग को छोड़ दें,बड़े-बड़े राजनीतिक हस्‍ताक्षर सेठ की मदद लेते रहे हैं ।

लेकिन एसएसपी मनु महाराज भी रास्‍ते के अंत तक जाने वाले पुलिस हाकिमों में हैं । कहा जा रहा है कि जब वे रोहतास में एसपी थे,तभी जान गये थे कि बक्‍सर बिहार में ड्रग कारोबार का कैपिटल है ।

 अब तो पकड़े गये बदमाशों ने सेठ की नेटवर्किंग के तार नेपाल व दूसरे देशों से भी जोड़ दिये हैं । पकड़े गये छोटे मोहरे हैं,ऐसे में गठित पुलिस टीमों की तलाश सेठ के इर्द-गिर्द रहेगी । जद में इनके आने से पूरा भांडा फूटेगा । पिछले कुछ वर्षों में सेठ ने आरा में फैलाव तो किया ही साथ ही पटना व दिल्‍ली जैसे शहरों में बढ़ते चले गये । आज की तारीख में सेठ को बिहार का ‘बालू किंग’ भी कहा जाता है । अरबों का कारोबार है बालू सिंडिकेट का ।

 एसएसपी मनु महाराज को सेठ का सिंडिेकेट का पता करने को आर्थिक अपराध यूनिट की ओर शायद इसलिए भी बढ़ता देखा जा रहा है कि आरा की संपत्ति के बारे में जुटाई गई सूचनाओं मात्र से ही सारे गणित गड़बड़ हो गये । पुलिस के हत्‍थे चढ़े सौदागरों ने आरा में सेठ के रीगल होटल (तस्‍वीर में) को कारेाबारी हिसाब-किताब का केन्‍द्र बताया है ।

सेठ की सूचना तलाश में आरा गई पुलिस टीम ने मोती सिनेमा हॉल के भू-खंड पर बनने वाले मॉल की जानकारी भी ली । पहले भी सेठ ने आरा के ही एक और सिनेमा हॉल के आधे भाग को खरीद कर अपना किला बनाया था । भू-खंड की तो लंबी फेहरिश्‍त है ।

 वैसे आरा के ही कई लोग सेठ के बिलकुल बदल जाने की कहानी भी आपको बता देंगे । कहेंगे कि अब धंधे से मतलब रखते हैं,कोई लोचा वाला काम नहीं करते । लेकिन यह भी सच है कि वे जल्‍दी सबों के लिए सुलभ नहीं होते । सुरक्षा का पहरा कड़ा होता है । आगे देखेंगे कि मनु महाराज की टीम कहां तक सेठ को कानून के घेरे में ले पाती है ।

कहां हैं सेठ जी ?

patnaआरा के ठाठ माने जाने वाले राधाचरण सेठ पटना पुलिस को खोजे नहीं मिल रहे हैं । खुद भी टर्न अप नहीं हो रहे । आरा में पता नहीं चल रहा,मोबाइल भी बंद है । यूं तो सेठ जी के बगैर बहुत कुछ नहीं होता,लेकिन ‘ड्रग कारोबार’ के चक्‍कर में अभी पाला मनु महाराज से पड़ गया है । सेठ के भाई अखबारों में बयान देते चल रहे हैं कि राजनीतिक रंजिश का शिकार बनाया जा रहा । लेकिन मनु महाराज को मानने वाले शायद ही यकीन करें ।

साफ-सुथरी पुलिसिंग पहचान रही है और बट्टा अब तक कैरियर में लगा नहीं है । वैसे सोशल मीडिया के मेरे पहले पोस्‍ट के कमेंट-बाक्‍स में कइयों ने कहा कि सेठ का महाराज भी कुछ नहीं बिगाड़ सकते । सब कुछ समय बतायेगा । वैसे इतना सच तो जरुर है कि आरा में सेठ के साम्राज्‍य से पंगा अब तक किसी ने नहीं लिया ।

 साफ-साफ स्‍पष्‍ट कर दें कि ड्रग कारोबार का आरोप अभी सेठ के खिलाफ प्रमाणित नहीं हुआ है । ऐसे में,अभी हम-आप कोई कसूरवार न मानें । किंतु इतना सच है कि पटना पुलिस के स्‍पेशल आपरेशन में पकड़े गये सौदागरों से सेठ की पहचान गिरोह के ‘किंगपिन’ के रुप में मनु महाराज ने की है । नेटवर्क भारत सहित दूसरे देशों में फैला है ।

ऐसे में,सेठ के खिलाफ साक्ष्‍य जुटाना/अभाव में बरी कर देना पुलिस के खाते का काम है । परंतु ड्रग कारोबार से पटना को बचाने की पहल हर किसी को करनी चाहिए । हमारे-आपके घर के युवा ड्रग के चक्‍कर में न फंसें,इसलिए भी धंधे को मिलकर निरुत्‍साहित करना होगा ।

 पटना पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है । जांच टीम को मानें,तो सेठ की अकूत कमाई में धंधे का बड़ा योगदान है । वैसे दुनिया की नजरों में सेठ ‘बालू किंग’तो हैं ही । आरा में सेठ के बारे में सभी चर्चा करेंगे,लेकिन पूरी गोपनीयता के साथ । पटना पुलिस की टीम आरा से गायब सेठ का सुराग पाने में लगी है ।

करीबियों का पता किया जा रहा है । कुछ नाम पकड़े गये सौदागरों ने भी बताये थे । जांच को प्रभावित न होने देने को पुलिस ने अभी इन नामों का खुलासा नहीं किया है । जांच टीम को सेठ की तस्‍वीर भी मुश्किल से मिली । दरअसल सेठ किसी भी फोटो सेशन से बहुत दूर रहते हैं ।

 पटना पुलिस जल्‍द ही सेठ की गिरफ्तारी का वारंट प्राप्‍त करेगी,यह तय हो चुका है । पैरवी खूब हो रही है,किंतु महाराज पैरवी के आगे बचाव कहां करते हैं । रोहतास में एसपी रहते भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष गोपाल नारायण सिंह को यहां-वहां महीनों भागते फिरने पर मजबूर कर ही दिया था । गनीमत थी कि सिंह लंबे समय तक भूमिगत रहने के बाद हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत ले आये थे । तब सरकार में भाजपा भी शामिल थी ।

 पटना पुलिस चाहती है कि सेठ सामने आयें,तो पकड़े गये सौदागरों को रिमांड पर लेकर क्रास-एग्‍जामिनेशन कराया जाये । इससे ड्रग आमद के श्रोतों का पता चल सकता है । मामले में आगे बहुत कुछ होना है, आज का समापन इसके साथ कि सेठ की ओर से कोई वक्‍तव्‍य देना चाहें,तो उनके पक्ष को भी पूर्ण रुप से रखा जायेगा । ध्‍येय किसी को नाहक परेशान करने का नहीं है,लेकिन ड्रग का कारोबार जरुर बंद होना चाहिए । साभारः  एक मित्र के फेसबुक वाल से

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