डीएसपी के झांसे में नहीं आए पत्रकार, आमरण अनशन जारी

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“जहां राज्य के डीजीपी पत्रकारों के सम्मान व उनकी सुरक्षा की हर हाल में करने की घोषणा करते हैं, वहीं हरनौत थानाध्यक्ष में ऐसे कौन से सुरखाव के पंख लगे हुए हैं कि उसकी तानेशाही पर वरीय अधिकारी सीधे एक्शन लेने से कतरा रहे हैं। शायद इसलिए कि नालंदा जिले में  प्रायः थानों में राजनीतिक पैरवी पुत्रों  को थानेदार की कुर्सी पर बैठा दिया गया है, जिन्हें गुंडागर्दी के अलावे कुछ नहीं आता….”   

राजनामा.कॉम। सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले के नालंदा के हरनौत पुलिस के द्वारा एक पत्रकार के साथ की गई बदसलूकी एवं अमानवीय व्यवहार पर थानेदार की लापरवाही पर सीधी कार्रवाई करने की मांग को लेकर पत्रकार-बुद्धिजीवियों का धरना पिछले 30 घंटे से जारी है।

कहा जाता है कि धरना शुरु होने के बाद पुलिस महकमा में हड़कंप मच गई। नालंदा एसपी ने मामले की जांच का जिम्मा बिहारशरीफ डीएसपी को सौंपा और कदुआ पर सितुआ की चोख वाली कहावत चरितार्थ करते हुए चिन्हित पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया।

उधर, पत्रकारों का कहना है कि दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी से अधिक दोषी तो हरनौत का थानेदार है, जो घटना की सूचना देने के बाद आया तो जरुर, लेकिन पीड़ित पत्रकार की सुध लिए बिना मटरगस्ती कर लौट गया।

इधर डीएसपी ने धरना पर बैठे पत्रकारों-वुद्धिजीवियों को थानाध्यक्ष पर कार्रवाई को लेकर खूब झांसे देने के प्रयास किए, लेकिन उनकी मंशा को भांपते हुए सबने धरना जारी रखने पर अड़ गए हैं।

पीड़ित पत्रकार मुकेश कुमार का साफ कहना है कि या तो आमरण स्थल से हमारी अर्थी उठेगी या फिर तानाशाह थानेदार की बोरिया विस्तर बंधेगा।

बता दें कि बीते मंगलवार की रात बीच बाजार स्थित श्री राम जानकी पुरानी ठाकुरवाड़ी में तेरह दिवसीय आत्म कल्याण विश्व शांति शिव शक्ति महायज्ञ का आयोजन किया गया है,जो 22 मई से एक जून तक चलेगा।

कार्यक्रम को लेकर आयोजन समिति के द्वारा चंडी मोड़ के समीप मेला का भी आयोजन किया गया है। जिसमें वृन्दावन से आये रास मंडली के द्वारा रासलीला दिखाया जा रहा है। साथ ही कई प्रकार के झूला का भी आयोजन किया गया है।

दैनिक हिंदुस्तान के पीड़ित पत्रकार मुकेश कुमार ने बताया कि मंगलवार के रात आयोजन समिति के सहायता केंद्र पर लगी कुर्सी पर बैठकर मेला पर नजर रखे हुए थे। इसी दौरान मेला ड्यूटी में लगे पांच पुलिसकर्मियों के द्वारा वहाँ आकर जबरन डंडा दिखाते हुए उठने को कहा गया।

पीड़ित पत्रकार के द्वारा परिचय बताने के बावजूद भी पुलिसकर्मियों ने कालर पकड़ते हुए मारपीट करने का कोशिश की। संयोग से मेला आयोजक के द्वारा आकर बीच बचाव करने के बाद पुलिसकर्मी वहाँ से हटे। घटना की जानकारी तुरंत ही थानाध्यक्ष सहित वरीय पुलिस पदाधिकारी को भी दी गई।

बावजूद घटना के दस घंटा बीत जाने के बाद भी पीड़ित का सूझबूझ लेना मुनासिब नहीं समझा। जिससे नाराज पत्रकार मुकेश कुमार थाना के समीप धरना पर बैठ गए। जिसकी जानकारी अन्य पत्रकारों व बुद्धिजीवियों को मिली। वे भी पीड़ित पत्रकार के समर्थन में अनिश्चित कालीन धरना पर बैठ गए। समाचार प्रेषण तक जारी है।

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