टोल गेट पुंदाग (ओरमांझी) का तमाशा: सरकारी निर्धारण प्रति किमी और ठेकेदार वसुल रहा है एकमुश्त

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tol taxमुकेश भारतीय

रांची। नेशनल हाईवे ऑथिरीटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा रांची-हजारीबाग एन.एच 33 फोरलेन सड़क निर्धारित मापदंड के अनुरुप भले ही न बना हो लेकिन ओरमांझी के पुंदाग अवस्थित टोल गेट पर गजब तमाशा चला रहा है।

टोल टैक्स वसुली करने वाले ठेकेदार ने एकमुश्त राशि का निर्धारण कर रखा है जबकि, सरकार की ओर से प्रति किलोमीटर के हिसाब से टैक्स वसुली का अनुबंध है। प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल टैक्स वसूली करने की पुष्टि एनएचएआई परियोजना निदेशक मनोज कुमार पाण्डेय भी करते हैं।

फिलहाल टोल गेट पर जो टैक्स वसूली जा रही है, उसे पांच श्रेणियों में एकमुश्त तय की गई है। पहली श्रेणी के वाहन के लिए 90 रु., दूसरी श्रेणी के वाहन के लिए 140 रु., तृतीय श्रेणी के वाहन के लिए 295 रु. और 325 रु, चतुर्थ श्रेणी के लिए 465 रु. और पाचवीं श्रेणी के लिए 565 रुपये।

सभी वाहनों को यह राशि एकमुश्त देनी है चाहे वह रामगढ़ तक सफर करे या हजारीबाग तक या फिर उससे आगे। वाहन चाहे झारखंड की हो या अन्य प्रदेश की, एकमुश्त तय राशि ही देनी है।

T  Rateजबकि, उपलब्ध सरकारी दस्तावेज के अनुसार सरकार ने कार, जीप, वैन या हल्का वाहन के लिए 0.75 रुपए, हल्के वाणिज्य वाहनहल्के माल वाहन या मिनी बस के लिए 1.06 रुपए, बस या ट्रक दो धुरी वाले वाहन के लिए 2.2. रुपए, भारी मशीन या मिट्टी खोदने के उपकरण या मल्टी एक्सल वाहन 4 से 6 धुरी वाले वाहन के लिए 3.45 रुपए तथा बड़े आकार के वाहन 6 धुरी से उपर वाले वाहन के लिए 4.20 पैसे प्रति किलोमीटर निर्धारित की गई है।
अब सबाल उठता है कि इस गोरधंधा में कौन-कौन लोग शामिल हैं। वे अपनी तय भूमिका क्यों नहां निभा रहे हैं। ठेकेदारों को लूट की खुली छुट क्यों मिली  हुई है। आखिर टेकदारों की ऐसी कोन सी समस्याएं हैं जो उन्हें जनमानस का शोषण करने को बाध्य किए है।

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