टीवी जर्नलिस्ट सुनील कुमार नाग का ब्रेन हैमरेज से निधन

Share Button
Read Time:4 Minute, 21 Second

सुनील कुमार नाग की यह पहचान सिर्फ गया तक ही नहीं थीं।बिहार से बाहर कई राज्यों तक विडियो जर्नलिस्ट सुनील कुमार नाग का नाम लोकप्रिय था। ईटीवी से कैमेरा मैन की नौकरी छोड़ने के बाद वे हिंदी दैनिक ‘संमार्ग’ के साथ जुड़े सुनील कुमार नाग हमारे बीच नहीं रहे।”

राजनामा.कॉम (जयप्रकाश नवीन। बिहार के गया से कई सालों तक ईटीवी न्यूज चैनल में एक नाम उभरता था। कैमरा मैन सुनील नाग के साथ अरूण चौरसिया ईटीवी गया।

पिछले दिन ब्रेन हैम्ब्रेज के बाद उनका इलाज पीएमसीएच में चल रहा था। जहाँ वे जिंदगी की जंग हार गए ।शुक्रवार अपराह्न को उन्होंने अंतिम सांस ली।सात महीने पहले ही उनकी शादी हुई थीं । पिछले महीने ही वें अपनी पत्नी के साथ बाली की यात्रा पर गए हुए थें ।

बिहार के गया से सुनील कुमार नाग पत्रकारिता में काफी लंबे समय से जुड़े हुए थें। ईटीवी के वरीय संवाददाता अरूण चौरसिया के साथ उनकी जोड़ी गया में काफी लोकप्रिय थीं। ईटीवी में विडियो जर्नलिस्ट रहते हुए उन्होंने कई साहसिक विजुअल शुट किया था।

एक बार एनएमसीएच के जूनियर डाॅक्टरों की हड़ताल की खबर कवर करने गए हुए थे।जहाँ जूनियर डाॅकटरों ने उन पर हमला कर दिया था । फिर भी वे डटे रहे । बाद में चिकित्सकों ने उनका कैमरा भी तोड़ दिया था।

उनके बारे में कहा जाता था कि अंधेरी रातों में भी वें अकेले निकल पड़ते थें।नक्सलियों के गढ़ में घुसकर विडियो ले आना उनका बांए हाथ का कमाल था। सड़क पर आगजनी हो, पुलिस की लाठीचार्ज या फिर गोलीबारी, इन सब के बीच भी वे डटे रहते थे ।

वे एक निर्भीक विडियो जर्नलिस्ट बड़े ही  हंसमुख व्यक्तित्व के धनी थे। लोगों से मिलना उनका दोस्त बन जाना यह उनका एक गुण था ।

पिछले बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान नाग ईटीवी के वरीय संवाददाता अरूण चौरसिया के साथ नालंदा आए थे। जहाँ इस संवाददाता के साथ मुलाकात हुई थीं । लगभग तीन घंटे उनके साथ रहा ।

इस बीच बातचीत के दौरान हमेशा उनके चेहरे पर हंसी ही देखने को मिली। उनसे बातचीत के दौरान लगा ही नहीं कोई अजनबी से बात कर रहा हूँ। गया के पत्रकारों के बीच हंसमुख,मिलनसार स्वभाव ही उनकी एक पहचान थीं ।

उनके निधन से गया की पत्रकारिता जगत को अपूर्णीय क्षति पहुंची है।गया का होनहार पत्रकार को खोने का गम उन्हें साल रहा है। पत्रकारों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

शोक व्यक्त करने वालों में इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य रंजन सिन्हा, गया लाइव के कुमुद रंजन, धीरज सिन्हा, अरूण कुमार चौरसिया, एलिन लिली पटना से आनन्द कौशल, अमिताभ ओझा, सौरभ कुमार, मुरली मनोहर श्रीवास्तव, रजनीश कुमार, रमेश पांडेय,विशाल स्वरुप सहित कई पत्रकार शामिल हैं।

उनके निधन पर गया के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों, व्यावसायिक संगठनों, शिक्षाविद आदि ने शोक व्यक्त किया ।

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Relate Newss:

महिला कांस्टेबल(IO) ने की गलती, सच से उठा पर्दा, AUDIO वायरल, अब क्या रचेगा 'केसरी गैंग'
जेएनयू में चल रहा है षडयंत्र की पराकाष्ठा
आखिर रघुवर दास महेन्द्र सिंह धौनी से इतने चिढ़ते क्यों है?
जज की भूमिका में मीडिया
हम युवा पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए मांग रहे हैं विशेष राज्य का दर्जा
'वेब जर्नलिज्म' से अखबारों तथा मठाधीश पत्रकारों को खतरा
बिहार के पूर्व गवर्नर के बेटे ने मुंबई में खरीदी 100 करोड़ की प्रॉपर्टी
अगवा डॉक्टर की हत्या, SP ने दी थी फिरौती देने की सलाह !
‘मीडिया महारथी’ प्रोग्राम में बवाल, कई संपादकों में रोष
एक बड़े फर्जीबाड़े की उपज है रांची प्रेस क्लब या द रांची प्रेस क्लब !
अरविन्द केजरीवाल के दलाल हैं पुण्य प्रसुन वाजपेयी ?
अस्मत की कीमत पर नहीं चाहिए तरक्की
मोदी और शरीफ के बीच काठमांडू में हुई थी गुप्त बैठक
जन लोकपाल की वेदी पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार कुर्बान
झारखंड में भी लागू हो पत्रकार सुरक्षा कानून  : JJA
मोदी के अच्छे दिन के इंतजार में कलप रहा है बनारस
क्या इस चक्रव्यूह से निकल पाएगें लालू जी के दोनों लाल
डिजीटल ‘वायर' में फंसे भाजपा के 'शाह'
सड़क हादसे में दैनिक हिन्दुस्तान के उप संपादक की मौत
लोकप्रियता में फेसबुक से आगे निकला व्हाट्सएप्प
मामला डीएमसीएच दरभंगा काः अंधे क्यों बने हैं पुलिस वाले ?
प्रवीण अमानुल्ला को बेनकाब करेगा नागरिक अधिकार मंच
देखिये, शाहनवाज जैसे फ्रॉड का डंसा मौत से कैसे जुझ रहा एक पत्रकार
‘मुजफ्फरपुर महापाप’ का मछली नहीं, मगरमच्छ है इंसासधारी संजय सिंह उर्फ झूलन
यशवंत को साक्षी के मामले में जमानत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...