टाइम्स ऑफ इण्डिया ग्रुप की वेशर्मी की हद

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राज़नामा.कॉम। टाइम्स ऑफ इण्डिया अखबार ने एक नई मीडिया संस्कृति को प्रचारित की है। वह सैलीब्रिटी लोगों को कवरेज देने के नाम पर पोर्न स्टारों से लेकर नग्नता तक सबका महिमामंडन कर रहा है। स्वस्थ संस्कृति और लोकतांत्रिक पत्रकारिता में नग्नता का कोई स्थान नहीं है।यह अखबार नग्नता का अखबार में कम इंटरनेट पर ज्यादा प्रचार कर रहा है। सवाल यह है कि नग्नता का प्रदर्शन सरकार रोक क्यों नहीं रही है ? अत्यंत चिंतनीय बात तो यह है कि कामुकता-स्नान के इस तरह फोटोग्राफ किस तरह के लोगों के हैं , ये फोटो कहीं समानान्तर अंधलोक के कामुक मस्तानों के तो नहीं हैं ? क्या कामुक मस्तानों का प्रचार-प्रसार करना कारपोरेट मीडिया के विकास की अनिवार्य शर्त है ?
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