झारखंड सूचना जन संपर्क विभाग ने भेजी सूचना

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हर कुकर्म के बाद ऐ खुदा, तू बंदों को क्यों पहचानते हो? कुछ ऐसे ही घटनाक्रमों के बाद झारखंड सरकार के सूचना जन संपर्क विभाग ने सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत मांगी गई सूचना कुल 24 पृष्ठों में दी है। हालांकि ये सूचनायें विगत 5 जून को स्पीड पोस्ट से भेजी गई थी, जब राजनामा डॉट कॉम के संचालक-संपादक मुकेश भारतीय को  उच्चस्तरीय षडंयत्र के तहत एक खबर से बौखलाये झारखंड सूचना जन संपर्क विभाग के कुछ अधिकारियों ने एक अंग्रेजी दैनिक के फ्रेंचाइजी द्वारा 1 जून को रंगदारी का आरोप लगा कर जेल भिजवा दिया था। तब सूचनाओं की जो प्रतियां भेजी गई थी, वह अस्पष्ट-अपठनीय जेरोक्स थी। इसकी शिकायत करने करने पर विभाग के निदेशक ने स्पष्ट प्रतियां उपलब्ध कराई है।

झारखंड सरकार के सूचना एवं जन संपर्क विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी द्वारा भेजे गये पत्रांकः618/31.05.2012 में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को दिये गये एकमुश्त विज्ञापन राशि का उल्लेख है,जबकि प्रिंट मीडिया को दिये गये एकमुश्त विज्ञापन राशि का कोई जिक्र नहीं है। विभाग द्वारा भेजे गये पत्र में उल्लेख है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को वित्तीय वर्ष 2010-11 में कुल एक करोड़ अठाइस लाख निन्यानवे हजार तीन सौ चौहत्तर रुपये के विज्ञापन दिये गये हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2011-12 में चार करोड़ नब्बे लाख पैंतालिस हजार सात सौ तिरेपन रुपये का भुगतान किया गया है।

इस तरह 2010-12 वर्ष में कुल छः करोड़ उन्नीस लाख पैंतालीस हजार एक सौ सताइस रुपये का भुगतान किया गया है। विभाग ने झारखंड राज्य द्वारा जिन चैनलों के स्वीकृत होने की जानकारी दी है, वे हैं- ईटीवी (बिहार-झारखंड), सहारा टीवी (बिहार-झारखंड), महुआ टीवी, ताजा टीवी, साधना न्यूज चैनल, मौर्य टीवी, न्यूज11, कशिश न्यूज, आर्यन टीवी, हमार टीवी, रफ्तार टीवी, पी7न्यूज, सौभाग्य मिथिला , बिग 92.7 एफ एम, रेडियो धूम 104.8, रेडियो मंत्रा, रेडियो एफ  एम जमशेदपुर, रेडियो धमाल 106.4, आकाशवाणी रांची, दूरदर्शन केन्द्र रांची।

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