झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम-2014: दर्जन भर दिग्गज नेता लुढ़के

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mund-marndi-kodaइस बार के झारखंड विधानसभा चुनाव में कई बड़े नेता ढेर हो गए। वोटरों ने दजर्न भर बड़े नेताओं  नकार दिया। ऐसे नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, बाबूलाल मरांडी, मधु कोड़ा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो, पूर्व मंत्री साइमन मरांडी,  हेमलाल मुर्मू,  राजेंद्र सिंह,  अन्नपूर्णा देवी तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत आदि शामिल हैं।

बाबूलाल मरांडी

पूर्व मुख्यमंत्री सह झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी गिरिडीह और धनवार, दोनों सीट से हार गए हैं। गिरिडीह में तीसरे और धनवार में दूसरे स्थान पर रहे। गिरिडीह में भाजपा के निर्भय शाहाबादी और झामुमो के सुदिव्य कुमार के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। यह सीट पहले झाविमो के कब्जे में थी, जिस पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है। शाहाबादी पिछली बार झाविमो से जीते थे। इस बार भाजपा से चुनाव लड़े थे।

अर्जुन मुंडा

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा खरसवां से चुनाव हार गए हैं। उन्हें झामुमो के दशरथ गगराई ने 9,000 मतों से पराजित किया है। मुंडा इस सीट से पहली बार 1995 में झामुमो से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 2000 से 2009 तक तीन बार भाजपा से विधायक रहे। यह तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं।

सुदेश कुमार महतो

पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश कुमार महतो सिल्ली सीट पर हार गए हैं। झामुमो के अमित महतो ने उन्हें 19000 मतों से पराजित किया है। आजसू पार्टी को भाजपा का समर्थन प्राप्त था। इसके बाद भी महतो अपनी सीट नहीं बचा पाए। महतो सिल्ली से तीन बार लगातार विधायक रहे हैं। पहली बार 2000 में यूजीडीपी से चुनाव जीते थे। 2005 और 09 में आजसू पार्टी से जीत हासिल हुई थी।

 हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका से चुनाव हार गए हैं, जबकि उन्होंने बरहेट सीट से सफलता हासिल की है। सोरेन पिछली बार दुमका सीट चुनाव जीते थे, लेकिन इस बार वह इस सीट पर कब्जा बनाए रखने में नाकाम रहे। भाजपा की लुईस मरांडी ने इस सीट पर कब्जा जमा लिया है। बरहेट झामुमो के कब्जे वाली सीट थे। सोरेन ने यहां भाजपा के हेमलाल मुर्मू को हराया। इस सीट पर 1980 से झामुमो का लगातार कब्जा चला आ रहा है। पहले झामुमो से हेमलाल मुर्मू चुनाव जितते थे। इस बार उन्होंने भाजपा से किस्मत आजमाया था।

मधु कोड़ा

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जय भारत समानता पार्टी  के उम्मीदवार मधु कोड़ा हार गए हैं। उन्हें मझगांव (एसटी) सीट पर 11,182 मतों के अंतर से झामुमो के नीरल पूर्ति ने हराया।

सुखदेव भगत

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत लोहरदगा से चुनाव हार गए हैं। आजसू पार्टी के कमल किशोर भगत ने उन्हें पराजित किया। यह सीट पिछली वर्तमान में भी आजसू पार्टी के कब्जे में थी। पिछली बार कमल किशोर भगत ने सुखदेव भगत को हराकर कांग्रेस से सीट छिनी थी। सुखदेव भगत 2005 में यहां निर्वाचित हुए थे।

राजेन्द्र प्रसाद सिंह

बेरमो से कांग्रेस के प्रत्याशी एवं राज्य के वित्तमंत्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह चुनाव हार गए हैं। उन्हें भाजपा के योगेश्वर महतो ने पराजित किया है। सिंह यहां से1985 से 2000 तक चार बार और 2009 में विधायक निर्वाचित हुए थे। 2005 के चुनाव में भी भाजपा के योगेश्वर महतो ने उन्हें पराजित किया था।

साइमन मरांडी

लिट्टीपाड़ा में भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री साइमन मरांडी चुनाव हार गए हैं। उन्हें झामुमो के डॉक्टर अनिल मुर्मू ने 14 हजार वोटों से पराजित किया है। यह सीट 35 वर्षों से झामुमो के कब्जे में है। साइमन मरांडी पहले झामुमो में थे। इस सीट पर पहले तीन बार साइमन मरांडी और चार बार उनकी पत्नी सुशीला हांसदा चुनाव जीती थीं। लोकसभा चुनाव में पुत्र को झामुमो से टिकट नहीं मिलने पर विधानसभा चुनाव से पहले झामुमो छोड़कर भाजपा में चले गए थे। झामुमो से जीत हासिल करने वाले डॉक्टर अनिल मुर्मू पिछली बार झाविमो से चुनाव लड़े थे। इस चुनाव से पहले झामुमो में शामिल हो गए थे।

अन्नपूर्णा देवी

कोडरमा से राजद की अन्नपूर्णा देवी चुनाव हार गई हैं। उन्हें भाजपा की डॉक्टर नीरा यादव ने 12 हजार वोटों के अंतर से पराजित किया है। अन्नपूर्णा देवी 1995 से लगातार चुनाव जीतती आ रही हैं।

 

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