छापा पड़ता रहा और देखता रहा आर्यन टीवी का चैनल हेड !

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होटल मालिक का अपना मीडिया हाउस भी हैं, जो आर्यन टीवी के नाम से जाना जाता हैं । जब छापा पड़ रहा था,उस समय आर्यन टीवी का चैनल हेड देखता रहां गया।

aryanवह होटल मे मौजूद था काफी मैनेज करने की कोशिश की गई लेकिन मैनेज नहीं हुआ आखिर ऐसे चैनल हेड की चैनल में जरुरत क्या जो छोटा सा मामला भी मैनेज नहीं कर पाया मामला आग की तरह फैला।

दिक्कत यह है कि उस इंसान की पहचान शायद मीडिया में है हीं नहीं वरना जहा तक मै जानता हूं खबरे कल भी मैनेज होती थी और आर आज भी होती हैं सिर्फ बैठ कर केबिन में पहचान नहीं बनती साहब जमीन पर उतरना पड़ता हैं।

होटल में छापेमारी के 24 घंटे बाद पुलिस ने जो जानकारी दी वह ज्यादा सनसनीखेज है। पुलिस के अनुसार शुक्रवार शाम एक निजी मोबाइल कंपनी ने यह आयोजन किया। जिसमें पटना की 5 लड़कियों को बुलाया गया था। केवल 10 लोग ही इसमें मौजूद थे।

अमूमन डिस्ट्रीब्यूटर मीट में 30-40 से अधिक लोग रहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं था। लड़कियों से पहले डांस कराया गया। बाद में उन्हें छोटे कपड़े दिए गए। एक लड़की ने तो मना तक कर दिया और जाने लगी, तो उसे जबरन रोका गया। उसे निकलने नहीं दिया गया। लड़कियां 7 बजे पहुंची थी और प्रोग्राम साढ़े आठ बजे शुरू किया गया। इनसे छेड़खानी भी की गई।

यह आरोप और किसी ने नहीं, बल्कि लड़कियों ने खुद लगाए हैं। इसके बाद पुलिस को जब सूचना मिली तो छापेमारी कर पांचों लड़कियों को थाने लाया गया। सात लोग भी हिरासत में लिए गए। यहां शराब परोसी गई थी, जो नियमों के खिलाफ है। इसके अलावे 10 बजे के बाद म्यूजिक बजाया जा रहा था।

गांधी मैदान पुलिस ने अपनी ओर से होटल के मालिक, मैनेजर, एक निजी मोबाइल कंपनी के दो बड़े अधिकारी पाटलीपुत्रा कॉलोनी निवासी विवेकानंद सिंह और कुम्हरार निवासी राजीव सिंह के अलावा डिस्ट्रीब्यूटर अनीसाबाद के सुमीत कुमार, गोपालगंज के प्रमोद शर्मा, बोरिंग रोड के मयंक सिंह, बुद्धा कॉलोनी के अमन कुमार व इवेंट के आयोजक लाल बाबू पर मामला दर्ज किया है।

इनके खिलाफ छेड़खानी, अश्लीलता फैलाने, लाउडस्पीकर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि नोटिस थमा कर सभी को थाने से जमानत दे दी गई।

दरअसल मालिकों ने पत्रकारिता को अपना रखैल समझ लिया हैं और पत्रकार को दलाल तो दलाल से खबरे मैनेज नहीं होती वो जमाना गया, जब पत्रकार को सम्मान के नजर से देखा जाता था। लेकिन पत्रकार को जो पहले हुआ करते थे आज चैनल हेड हो या संपादक वे होते है प्रबंधक हीं ….अर्थात मालिक के ……और वैसे भी आर्यन का पत्रकार अपनी दुर्दशा पर रो रहा हैं तो मैनेज क्या खाक करेगा।

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