चुनाव आयोग की रडार पर आए राहुल , लालू और अमित

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चुनाव आयोग ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन तीनों नेताओं को नोटिस जारी करते हुए आयोग ने कहा कि इन नेताओं ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वहां लागू आदर्श आचार संहिता का प्रथम दष्टया उल्लंघन किया है।  

amit-lalu-rahulआयोग ने कहा कि शाह ने यह टिप्पणी करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है कि अगर उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में हारती है तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे।

चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है प्रथम दृष्टया आयोग का विचार है कि इस तरह का बयान जो सौहार्द बिगाड़ सकता है और सामाजिक एवं धार्मिक समुदायों के बीच वर्तमान में मौजूद मतभेदों को गहरा कर सकता है़, देकर आपने आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

आयोग ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के एक प्रावधान में कहा गया है कि किसी भी पार्टी या उम्मीदवार को ऐसी किसी गतिविधि में लिप्त नहीं होना चाहिए जिससे विभिन्न जातियों, समुदायों या धार्मिक एवं भाषायी समुदायों के बीच तनाव हो या परस्पर नफरत हो या वर्तमान मतभेद और गहरे हों।

शाह ने पूर्वी चंपारन जिले में भारत़-नेपाल सीमा स्थित रक्सौल में एक चुनावी रैली में बृहस्पतिवार को कथित तौर पर कहा था कि अगर भाजपा बिहार विधानसभा चुनाव हार जाती है तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे।

शाह ने बहस्पतिवार को रक्सौल में जो कुछ कथित तौर पर कहा, बताया जाता है कि वही उन्होंने बहस्पतिवार को ही पश्चिमी चंपारन जिले के बेतिया में एक अन्य रैली में दोहराया।

चुनाव आयोग में शाह के भाषण को उद्धत करते हुए कहा गया है दोस्तों, याद रहे कि अगर गलती से भाजपा यहां हार जाती है और नीतीश लालू जीत जाते हैं तो परिणाम की घोषणा पटना में होगी लेकिन पटाखे पाकिस्तान में फूटेंगे।

आयोग ने भाजपा हिंदू मुसलमान को एक दूसरे से लड़वाती है टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष ने बिहार विधानसभा चुनावों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता का प्रथम दृष्टया उल्लंघन किया।

साथ ही आयोग ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद को उनकी उस टिप्पणी के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जिसमें उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को नरभक्षी और पागल आदमी कहा था।

आयोग ने लालू की उस कथित टिप्पणी का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिशाच कहा था।

मधुबनी जिले के बेनीपटटी में 29 अक्तूबर को राहुल द्वारा दिए गए चुनावी भाषण को उद्धत करते हुए आयोग ने कहा कि राहुल ने कहा था उनका बी प्लान क्या है? भारतीय को दूसरे भारतीय से लड़वाना। वे जहां कहीं भी जाते हैं- उप्र, महाराष्ट्र, हरियाणा़, जहां भी चुनाव हो रहा है उनके कार्यकर्ता जाते हैं और वह हिंदुओं को मुस्लिमों से लड़वाते हैं।

आयोग ने राहुल को याद दिलाया कि आदर्श आचार संहिता में दूसरे दलों या उनके कार्यकर्ताओं की अपुष्ट आरोपों को लेकर आलोचना करने का प्रावधान नहीं है। चुनाव आयोग ने तीनों नेताओं को जवाब देने के लिए चार नवंबर दोपहर तीन बजे तक का समय दिया है और ऐसा न करने पर चुनाव आयोग उनके किसी जवाब के बिना फैसला करेगा।

आयोग ने जदयू प्रमुख शरद यादव को ईश्वरीय प्रसन्नता के नाम पर मतदाताओं को प्रभावित करने वाली उनकी कथित टिप्पणी के लिए आगाह किया और कहा कि उन्हें आदर्श आचार संहिता का पालन करना चाहिए क्योंकि वह एक वरिष्ठ नेता हैं।

अपने आदेश में आयोग ने यादव की यह दलील खारिज कर दी कि बयान एक भावनात्मक अपील के तहत दिया गया था।

यादव ने सात अक्तूबर को नालंदा में एक चुनावी रैली में कथित तौर पर कहा था जो अपने वादे पूरे नहीं करते़, तब हिंदुओं को स्वर्ग में जगह नहीं मिल पाएगी और मुस्लिम भी जन्नत में अल्लाह से नहीं मिल पाएंगे। इसके बाद आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

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