गुमला में DDC अंजनी कुमार की अगुआई में हुआ जनरेटर घोटाला !

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तत्कालीन उप विकास आयुक्त गुमला अंजनी कुमार के कार्यकाल में जिले के सभी पंचायतों एवं प्रखंडों में महेंद्रा जेनरेटर के क्रय में भारी कमिशन खोरी का मामला सामने आया है।

genreterता चला है की D.D.C के आदेश पर जिले के सभी पंचायतों/ एवं प्रखंडों में तेरहवें वित्त आयोग मद से नियमों की अनदेखी कर महेन्द्रा जेनरेटर (7.5) की आपूर्ति कंगना ईन्टर प्राइजेज गुमला से ली गयी है, जिसके लिए पंचायतों द्वारा प्रति जेनरेटर 3.10 (तीन लाख दस हजार) के दर पर भुगतान किया गया है। जबकि शो रूम प्राइज तकरीबन 1.94 लाख (अधिकतम 2 लाख) है।

ऐसा पता चला है प्रति जेनरेटर एक लाख दस हजार रूपये बतौर कमिशन D.D.C. एवं सम्बंधित B.D.O. द्वारा वसूले गये हैं।

जानकारी यह भी है कि रांची के एक अन्य आपूर्ति कर्ता द्वारा 2.75 लाख प्रति जेनरेटर के दर पर आपूर्ति की पेशकश की गयी थी, पर अधिक कमीशन के लिए तत्कालीन उप विकास आयुक्त, द्वारा कंगना ईन्टर प्राइजेज से क्रय के लिए पंचायतों को आदेश दिये गए।

दूसरी तरफ सम्बन्धित BDO ने भी कंगना ईन्टर प्राइजेज गुमला से जेनरेटर का क्रय करने के लिए मुखिया ओर पंचायत सेवकों पर दबाब डाला गया।

 सूचना ऐसी भी है कि DDC एवं BDO  के दबाव में कंगना ईन्टर प्राइजेज को पंचायतों द्वरा भुगतान तो कर दिया गया, पर उन पंचायतों को अभी तक जेनरेटर की आपूर्ति नहीं की गई है।

जिन पंचायतों का अपना पंचायत भवन नहीं है, उनके द्वारा भी जेनरेटर का क्रय इन पदाधिकारियों के दवाव में कमीशन के लिए किया गया।

इस गोरखधंधे में विकास शाखा के प्रधान सहायक शशि कुमार मिश्र, जिनकी प्रतिनियुक्ति जिला परिषद् में है, उनकी भी भूमिका संदिग्ध है।

उन्होंने उप विकास आयुक्त से मिलकर उप विकास आयुक्त के लिए बतोर कमिशन एजेंट के रूप में एक कड़ी बनकर कार्य किया।

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