कुशासन की कीमत बसूल रहे हैं बिहार के अखबार

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ad1बिहार में जदयू-भाजपा गठबंधन के साथ एक और गठबंधन है और वह है सरकार- अखबारों का। जिस प्रकार सरकार के मुखिया गठबंधन  के नेताओं के कुकर्मों को नजर अंदाज करती है, उसी  प्रकार दैनिक समाचार पत्र के कारनामों को नजर अंदाज कर रही है। उपयोगिता समाप्त होने  के बाद सरकारी विज्ञापन छापे जा रहे हैं तथा सरकार राशि का भुगतान भी कर रही है।

इसका एक ताजा नमूना ….. दैनिक प्रभात खबर ,पटना के मगध संस्करण के २४ जनवरी २०१३ के पेज सं. १५ पर आधा  पेज का रंगीन विज्ञापन ‘बिटिया बचाओ अभियान ‘शीषक से प्रकाशित हुआ  है।

बिहार सरकार के सूचना एंव् सम्पर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञापन सं-पि.आर.नं.१३७७१ स.(नि.नि.)१२-१३में कहा गया है कि कन्या भ्रूण हत्या निमूल करने हेतु ‘बिटिया बचाऒ अभियान” शिशु मुत्यु  दर कम करने के लिये “राष्ट्रीय सम्मेलन” आयोजित किया जा रहा है।  दिंनाक-२३ जनवरी २०१३, समय -पूवाहन १०.३० बजे , स्थान-एस. के. मेमोरियल हाल ,गांधी  मैदान ,पटना। विज्ञापन में कहा गया है कि आप सादर आमंत्रित में माननीय जन प्रतिनिधि एंव चिकित्सक गण विशेष रूप से सहयोगी बने।

वहीं दूसरी ओर  दैनिक प्रभात खबर ,पटना के मगध संस्करण के २४ जनवरी २०१३ के पेज सं.२ पर २३ जनवरी के  उदधाटन का समाचार छपा है। जिसका शीर्षक है- सूबे में बनेगी समेकित  स्वास्थ्य नीति:-मॊदी ,२०१७ तक राज्य में  शिशु मुत्यु  दर प्रति हजार पर ४४ से धटा क्र ३० करने का लक्ष्य।

 सबाल उठता है कि  आखिर क्यों  कार्यक्रम समाप्ति के एक दिन बाद  विज्ञापन छापा जा रहा है। बिहार सरकार की मंशा विज्ञापन के जरिये कार्यक्रम  के प्रचार -प्रसार करना है या सिर्फ अख़बार को फायदा पहुचाना। ऐसे  विज्ञापन का भुगतान  राज्य सरकार करती भी आ रही है। ऐसे कई मामले पूर्व में प्रकाश में आ चूके हैं, फिर भी  अखबारों के साथ सरकार गठबंधन धर्म को निभा चुप्पी साध रखी है।

                                                          ……..नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट

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