कलाम क्यों नहीं कर पाये 2002 के दंगों के बाद गुजरात दौरा !

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राजनामा.कॉम।  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं चाहते थे गुजरात में 2002 के दंगों के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम राज्य का दौरा करते।

vajpayee_kalamएक अंग्रेज़ी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक स्वामीनारायण सम्प्रदाय के प्रमुख स्वामी पर अपनी आध्यात्मिक बायोग्राफी में कलाम ने इस तरह के कई अनुभवों को साझा किया है।

यह बायोग्राफी अगले महीने जारी होने जा रही है। कलाम का दावा है कि प्रमुख स्वामी के आशीर्वाद से उन्होंने अपनी कई समस्याओं को सुलझाने में मदद पाई।

कलाम के मुताबिक 2006 में लाभ के पद विधेयक को लेकर हुए विवाद के चलते राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दें या नहीं दें, इसे लेकर वो उलझन में रहे। बता दें कि कलाम ने कुछ पदों को लाभ के पद की सूची से बाहर रखने को लेकर हिचक के बावजूद दस्तखत कर दिए थे।

गुजरात में 2002 के दंगों के बाद राज्य के दौरे को लेकर कलाम ने लिखा है, “2001 के विनाशकारी भूकंप के बाद 2002 की हिंसा ने अप्रत्याशित झटका दिया। निर्दोष मारे गए, परिवार असहाय हो गए, बरसों की मेहनत से बनाई संपत्ति नष्ट हो गई। पहले से ही भूकंप से बेहाल और आहत गुजरात को इस हिंसा ने और बड़ा झटका दिया।”

कलाम ने लिखा है, “मैं गुजरात जाना चाहता था। लेकिन इस फैसले से प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी असहज थे। उन्होंने मुझसे कहा कि क्या आप समझते हैं कि इस वक्त आपका गुजरात जाना ज़रूरी है। मैंने जवाब दिया कि मुझे जाना चाहिए और राष्ट्रपति के नाते लोगों से बात करनी चाहिए। मैं समझता हूं कि ये मेरा पहला बड़ा काम होना चाहिए।”

कलाम ने कहा कि उस वक्त डर था कि कहीं तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी दौरे का बहिष्कार ही ना कर दें। हालांकि बाद में मोदी और उनकी कैबिनेट के सहयोगी दौरे में उनके साथ रहे थे।

लाभ के पद संबंधी विधेयक पर दस्तखत करूं या इस्तीफा दूं, कलाम के मुताबिक अपनी इस दुविधा को वे स्वामी प्रमुख से बातचीत के बाद ही सुलझा सके।

‘ट्रांसेन्डेस : माई स्प्रिच्युल एक्सपीरियेन्सेस विद प्रमुख महाराज’ नाम से इस बायोग्राफी का प्रकाशन हार्पर कोलिंस की सहायक संस्था हार्पर एलिमेंट की ओर से किया गया है।

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