…और झारखंड में ‘आजाद सिपाही’ ने यूं दी हौले से दस्तक

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आज 18 अक्टूबर की अहले सुबह झारखंड की मीडिया में हिन्दी दैनिक आजाद सिपाही ने हौले से दस्तक दी। लैंडस्केप मीडिया प्रायवेट लिमिटेड के बैनर तले आजाद सिपाही के मुद्रक-प्रकाशक-संपादक हैं वरिष्ठ पत्रकार हरिनायण सिंह, जिनकी हमेशा अलग पहचान मानी जाती रही है।

प्रकाशक-मुद्रक-संपादकः हरिनारायण सिंह
प्रकाशक-मुद्रक-संपादकः हरिनारायण सिंह

मिली सूचनाओं के अनुसार आजाद सिपाही का प्रकाशन 13 अक्टूबर से होने वाली थी लेकिन कतिपय कारणवश उसकी स्थिति अब-तब की हो गई थी। इसी बीच बिना किसी पूर्व घोषणा के आज 18 अक्टूबर को इसका प्रकाशन शुरु हो गया। न कोई लोकार्पण और न कोई लोकार्पण समारोह। हर तरह की तड़क-भड़क से दूर बिल्कुल हौले से दस्तक।

लेकिन, खुद के स्वामित्व वाले हरिणारायण जी जैसे वरिष्ठ पत्रकार के इस हौले से दस्तक में आगे की एक बड़ी रणनीति छुपी दिखाई देती है। उनके आजाद सिपाही के संरचनात्मक ढांचे को जिस तीव्रता से गढ़ा जा रहा है, उससे साफ स्पष्ट होता है कि तमाम धाकड़ अखबारों के बीच यह अखबार जल्द ही क्षेत्रीय पत्रकारिता को एक नया आयाम देने में सफल रहेगा।

आजाद सिपाही के आज के प्रथम अंक बड़ी साफ-सुथरी और सरल ढंग से निकाली गई है। इस अंक की जान है खुद संपादक हरिनारयण सिंह जी के अग्रलेख “ मैं हूं आजाद सिपाही ”। ( इसकी स्कैन कॉपी पढ़ने के लिए यहां चित्र पर क्लिक करें)।azad sipahi

आजाद सिपाही के चीफ हरिनाराण सिंह से राजनामा.कॉम के संपादक मुकेश भारतीय ने अखबार प्रकाशन के पूर्व एक लंबी बातचीत की थी।

श्री सिंह ने उस बातचीत में झारखंड की मीडिया को लेकर स्वंय का अखबार के बजाय पत्रकारों का अखबार निकालने की पीड़ा व्यक्त की थी और आज जिस सादगी के साथ आजाद सिपाही का प्रकाशन शुरु हुआ है…

राज़नामा.कॉम परिवार समूचे ‘आजाद सिपाही’ बटालियन को इस पूर्ण विश्वास के साथ हार्दिक शुभकामनाएं देता है कि वे हर चुनौती-जंग जीतेगें तथा झारखंड के समग्र विकास और मीडिया की भूमिका में मील का पत्थर अवश्य साबित होगें।

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