एग्जिट पोल मामले में जागरण.कॉम के संपादक शेखर त्रिपाठी गिरफ्तार

Share Button

गाजियाबाद। दैनिक जागरण डॉट कॉम के संपादक शेखर त्रिपाठी को गाजियाबाद की कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. दैनिक जागरण की वेबसाइट पर यूपी चुनाव के पहले चरण के बाद ही एग्जिट पोल दे दिया गया. इस पर चुनाव आयोग ने दैनिक जागरण के प्रबंध संपादक, संपादक और एग्जिट पोल कराने वाली संस्था रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड यानि आरडीआई के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे.

इसी के बाद पहली गिरफ्तारी जागरण डॉट कॉम के संपादक शेखर त्रिपाठी के रूप में हुई है. कुछ लोगों का कहना है कि संभव है बीजेपी से खबर चलने के लिए पैसा लिया होगा मालिक ने, लेकिन जेल गए शेखर त्रिपाठी.

यूपी में 11 फरवरी को पहले चरण के चुनाव हुए थे. इनमें पश्चिमी यूपी की 73 सीटों पर वोट डाले गए थे.  इन्हीं सीटों के एग्जिट पोल जागरण ने अपनी वेबसाइट पर डाले थे. दैनिक जागरण की ओर से सफाई भी दी गई है. जागरण की ओर से कहा गया है- ‘’डिजिटल इंग्लिश प्लेटफॉर्म के अलावा एग्जिट पोल से संबंधित खबर दैनिक जागरण अखबार में नहीं छापी गयी. इंग्लिश वेबसाइट पर एग्जिट पोल से जुड़ी एक खबर अनजाने में डाली गयी थी, इस भूल को फौरन सुधार लिया गया और संज्ञान में आते ही वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से संबंधित न्यूज रिपोर्ट को तुरंत हटा दिया गया था.’’

लेकिन चुनाव आयोग अपने आदेश पर कायम रहा. जिसके बाद 15 जिलों में जागरण और आरडीआई के खिलाफ केस दर्ज किए गए. चुनाव के सभी चरणों का मतदान पूरा होने से पहले एग्जिट पोल छापना आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है. जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 ए के मुताबिक यूपी चुनाव पर कोई भी व्यक्ति, 4 फरवरी की सुबह 7 बजे से लेकर 8 मार्च के शाम साढ़े 5 बजे तक कोई एग्जिट पोल नहीं कर सकता या इनके नतीजों को प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रकाशित नहीं कर सकता. दोषी पाए जाने पर दो साल की कैद या जुर्माना या दोनों ही सजा का प्रावधान है.

पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह की रिपोर्ट.

Share Button

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...