एक्जिट पोल न्यूज 24 के संपादक अजीत अंजुम ने फेसबुक पर लिखा  “चाणक्य अंडरग्राउंड ”

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भले ही न्यूज 24 से टुडेज चाणक्य के सालों पहले हुए करार में किसी मैनेजमेंट वाले का रोल हो, लेकिन एडीटोरियल वर्ल्ड में अजीत अंजुम को ही इसका क्रेडिट दिया जाता रहा है। सालों टुडेज चाणक्य का एक्जिट पोल न्यूज 24 पर ही नजर आ रहा है।

chanakya_24NEWS_anjumऐसे में अजीत अंजुम ही सोशल मीडिया पर टुडेज चाणक्य के एक्जिट पोल पर तंज कसते हुए लिखें कि चाणक्य अंडरग्राउंड तो चर्चा का विषय बनेगा ही।

2014 में अजीत अंजुम और उनकी एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद 2014 में टुडेज चाणक्य का एक्जिट पोल बताने जब स्टूडियो में बैठे और जब नतीजे उनके हाथ में आए तो उनको बताते हुए बड़ी ही झिझक हो रही थी कि बीजेपी अपने दम पर कैसे सरकार बना सकती है, मोदी 300 से ऊपर सीट्स कैसे ला सकते हैं।

लेकिन उनको लाइव में टुडेज चाणक्य के आंकड़े तो पढ़ने ही थे, हालांकि उन आंकड़ों पर उन्हें भी काफी हैरत थी, जो उस वक्त लाइव शो के दौरान नजर भी आ रहा था।

लेकिन चूंकि दिल्ली चुनाव में आप के उभार को भी टुडेज चाणक्य ने ही भांपा था, इसलिए एक उम्मीद तो थी कि ये सही हो सकता है, और जब नतीजे आए तो न्यूज 24 और अजीत अंजुम ने चाणक्य के साथ तारीफें भी शेयर कीं।

ऐसे में पत्रकारों के बीच उनकी और चाणक्य की साथ साथ चर्चा होती थी, समय बदला, अजीत अंजुम इंडिया टीवी चले गए, लेकिन चाणक्य न्यूज24 के साथ ही जमा रहा।

महाराष्ट, हरियाणा और जम्मू कश्मीर के चुनावों नें वो उतना सटीक नहीं रहा, लेकिन फिर भी बाकी सर्वे एजेंसीज के मुकाबले बेहतर ही था।

चूंकि अजीत इलेक्ट्रोनिक मीडिया के ज्यादातर पत्रकारों की तरह बिहार से ही ताल्लुक रखते हैं, तो बिहार के इलेक्शन में उनकी ज्यादा रुचि स्वभाविक थी।

सी वोटर के साथ इंडिया टीवी के एक्जिट पोल ने महागठबंधन की बढ़त दिखाई। लेकिन टुडेज चाणक्य के पोल ने सारे पत्रकारों की गणित बिगाड़ दिया, चाणक्य की पुरानी साख को देखते हुए कई चैनल्स ने अपने आंकड़े में सुधार भी किया।

बावजूद इसके अजीत अंजुम ने फेसबुक पर खुद के विचार में महागठबंधन को ही आगे दिखाया। नतीजे आने के बाद तो उन्होंने मोदी की जमकर ली है, कभी वेद प्रताप वैदिक के आर्टिकल के बहाने तो कभी शत्रुघ्न सिन्हा के ताली-गाली वाले बयान के बहाने।

जब असली नतीजे आठ तारीख को आ गए तो सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा टुडेज चाणक्य की ही भद्द पिट रही थी, लगा कि पुराने सहयोगी के नाते अजीत अंजुम लिहाज करेंगे, लेकिन उन्होंने फेसबुक पर लिख ही दिया, “चाणक्य पर भरोसा करके लड्डू और पटाखों का इंतज़ाम तो कर लिया लेकिन खाने और फोड़ने से पहले गुड़ गोबर हो गया …अब चाणक्य अंडरग्राउंड”।

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