इन स्थानीय रिपोर्टरों की बात ही निराली है !

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वे साथ घुमते हैं। साथ खाते-पीते हैं।  खबर भेजने के पहले उनकी साथ अड्डेबाजी होती है। कौन किस ढंग से खबर भेजेगा, यह सब फेस टू फेस तय होता है।

लेकिन लगता है कि जब वे खबर लिखने बैठते हैं तो उन सब पर  दारु-मुर्गा से लेकर भांग-गांजा  गटकने का दौर हावी हो जाता हैं। अगर नहीं तो फिर क्या कारण है कि ऐसे रिपोर्टरों की खबरें अलग-अगल तत्थ लिये  होते हैं ?

 देखिये झारखंड से प्रकाशित  दैनिकों की एक हादसा की ये खबरें। घटना एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत से संबंधित है। अगर दैनिक हिन्दुस्तान की खबर के कुछ अंशों को छोड़ दिया जाए तो अन्य सभी अखबारों ने  कोरी कल्पना करते हुये न सिर्फ  खबर  लिखी है बल्कि मृतक के नाम और घटना से संबंधित तत्थों को उलट-पुलट कर रख दिया है।

इन सभी अखबारों के रिपोर्टरों के निवास स्थान मृतक के घर आस-पास ही है। घटनास्थल भी कोई दूर नहीं है। सभी सूचनाएं आयने की तरह साफ होने के बाद भी अगले दिन सभी अखबारों में प्रकाशित घटना की खबर अलग-अलग तत्थ लिबास में है।

aswiniमूल घटना है कि रांची जिले के ओरमांझी थाना के चकला मोड़ निवासी रामलाल साहु के इकलौते पुत्र अश्वनि कुमार साहु (20) की मौत एन.एच.-33 के किनारे  बने  गढ्ढे में बाइक समेत गिर जाने की वजह से हो गई। यह गढ्ढा वृंदावन ढाबा के पास है, जिसमें टोयटा शोरुम का जहरीला गंदा पानी  जमा होता है। धीरे-धीरे यह गढ्ढा जानलेवा होता जा रहा है। इसकी ओर न तो ढाबा-शोरुम वालों का ध्यान है और न ही एन.एच.-33 और पुलिस-प्रशासन का। 

घटना 31 दिसबंर,2014 की रात करीब दस बजे की है। अश्वनि अपने एक साथी के साथ बाइक से चकला मोड़ से जैविक उद्यान की ओर जा रहा था कि अचानक असंतुलित होकर सड़क किनारे बने गहरे गढ्ढे में बाइक सहित जा गिरा। जिससे चोट लगने व दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

घटना में जहां अश्वनि की मौत हो गई, वहीं रम्मी नामक उसके साथी को खरोंच भी न आई। यह चारो ओर चर्चा का विषय बना हुआ है। 

हालांकि, रम्मी ने अपने दोस्त के  सड़क किनारे गढ्ढे में बाइक समेत गिरने के बाद शोर मचाया लेकिन, तत्काल किसी ने कोई मदद नहीं की। तब रात्रि-गश्ती में तैनात पुलिस दल वाले भी रम्मी की गुहार को अनसुना कर दिया  और सब कुछ खुली आंख देखने के पश्चात वहां से निकल गए।

बाद में रम्मी ने इसकी सूचना अन्य दोस्तों को दी। उन लोगों ने घंटो बाद अश्वनि के शव को बाहर निकाला। गढ्ढे से बाइक को सुबह निकाला गया। बाइक किसी दूसरे साथी की है।

अश्वनि का घर ओरमांझी ब्लॉक चौक और घटनास्थल के  बीच एन.एच-33 किनारे है। वह घर से राजकीय मध्य विद्यालय चकला निकला था। वहां उसके 15-20 संगे साथी नए साल की पूर्व मनोरंजन पार्टी का आयोजन किया था।  उस पार्टी में वह भी शामिल हुआ।  कुछ देर बाद वह रम्मी के साथ बिरसा जैविक उद्यान से आगे एक होटल से खाने पीने का समान (विशेष कर शराब) लाने  निकल पड़ा और रास्ते में लड़खड़ा कर बाइक समेत गढ्ढे में गिर गया। जिससे चोट लगने और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

rashtriya khabar1अगर आप सभी अखबारों की खबरों को साथ पढ़ लें तो इन रिपोर्टरों की जाहिलता पर सिर के बाल नोचने लगेगें। जो एक साथ नहीं पढ़ेगें, उनका घटना की बाबत गुमराह होना लाजमि है।  देखिये-समझिये एक हादसे से जुड़ी इन प्रकाशित खबरों को… …..

prabhat khabar

hinustan1bhaskar

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