इतना तो विश्वास है ही………..

Share Button

हम अच्छी तरह से जानते हैं कि जो कुछ भी करने जा रहे हैं, वह आसान नहीं है लेकिन मुश्किल भी नहीं है। रुखी-सूखी खायेगें, लेकिन जीएगें शान से। न किसी का भरोसा तोड़ेगें और न ही उम्मीद…..अंजाम कुछ भी हो। जब तक सांस है, तब तक आस है।

मैं व्यक्तिगत तौर पर स्वीकार करता हूं कि करीब 25 वर्षों से मीडिया से जुड़े रहने के बाबजूद हमारी नई आशाओं को बल देने में कुचलने का प्रयास करेगें। ऐसा इसलिये कहने को विवश हूं कि कल रांची की प्रिंट मीडिया यानि समाचार पत्रों को प्रकाशनार्थ सूचनाएं प्रेषित की।
कई संपादक महोदय को फोन कर सूचना पर एक नजर डालने का अनुरोध भी किया…लेकिन सुबह किसी भी अखबार में उसकी कोई भनक नहीं मिली।

हो सकता है कि उनके सामने कुछ तकनीकी बाध्यताएं हों या फिर कुछ नीतिगत मजबूरियां। लेकिन यह कोई बड़ी दुखदायी बात नहीं हैं।
पीड़ा की बात तो यह है कि हम लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन के खिलाफ खड़ा होना चाहते हैं। हर क्षेत्र में जो भ्रष्टाचार के आयाम दिख रहे हैं, उसमें बदलाव चाहते हैं।

ऐसे में हम एक न दिन अपने संघर्षों से उनका भी दिल जीत लेगें और उन्हें हमें पहचानने को बाध्य कर देगें। इतना तो विश्वास है ही।
हमने जिस झारखंड अंगेस्ट करप्शन संगठन को स्वीकार किया है..उसकी पहली ही शर्त है कि इस संगठन से जुड़ा कोई भी सदस्य किसी भी राजनीति दल से संबंधित न हो। क्योंकि राजनीति की घुसपैठ लक्ष्य से ही पहले कदम डिगा जाती है।

फिलहाल हम आप सभी से इतना ही अपील करना चाह रहे हैं कि आप हमसे जुड़े, हमारी संगठन झारखंड अंगेस्ट करप्शन से जुड़ें। हमें सहयोग करें। हमें बल दें।

अगर आप हमें किसी प्रकार से हताश करेगें तो अधिक से अधिक यह होगा कि हमारी रफ्तार कुछ धीमा हो जाये।लेकिन कोई यह मुगालता न पालें कि हम रुक जाएगें…या कोई रोक देगा। क्योंकि…क्षितिज जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व से यह बना शरीरा। भला धरती, आकाश, अग्नि, जल, वायु पर कोई ब्रेक लगा सकता है। जय मां भारती।

mukesh bhaआपका सदैव शुभेच्छु
मुकेश भारतीय
मीडिया प्रभारी
झारखंड अंगेस्ट करप्शन

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...