गुजरात को पछाड़ आगे निकला बिहार

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biharविकास के प्रतीक बने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात को पछाड कर बिहार के मुख्मंत्री नीतीश कुमार का राज्य बिहार विकास में आगे निकल गया है। वैश्विक आर्थिक मंदी और देश में कम होती घरेलू मांग के बावजूद बिहार ने 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 11.95 फीसदी की दर से प्रगति की है, जो देश के अन्य राज्यों में सबसे ज्यादा है।

यह जानकारी बिहार के वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी की ओर से विधानसभा में  पेश 2012-13 के आर्थिक सर्वेक्षण में दी गई है। इसमें राज्य की अर्थव्यवस्था की विकास दर 11.95 फीसदी होने का दावा किया गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात का भी जिक्र है कि मंदी के दौर में भी बिहार की विकास दर की रफ्तार तेज रही। बिहार के लिए 2012-13 का इकनॉमिक सर्वे विधानसभा में पेश करने के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने  कहा, 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान बिहार के आर्थिक विकास की दर 11.95 फीसदी रही जो देश के अन्य राज्यों में सबसे ज्यादा है।

राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के आधार पर बिहार में प्रति व्यक्ति आय 25,653 रूपये है जबकि राष्ट्रीय औसत आय 60,972 रूपये है। 2011-12 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय स्तर पर तुलना में 42 फीसदी हो गया जबकि 2007-08 में यह 32.4 फीसदी था। मोदी ने कहा, यह सर्वे बिहार की अर्थव्यवस्था की अच्छी तस्वीर पेश करता है। यह अच्छी आर्थिक नीतियों का नतीजा है। राज्य न हर क्षेत्र में प्रगति की है।

इकनॉमिक सर्वे के अनुसार 2004-05 के स्थिर मूल्य पर बिहार का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2011-12 में 1.52 लाख करोड रूपये था। 2011-12 में 172 लाख टन अनाज का उत्पादन हुआ जो 2010-11 की तुलना में 68 लाख टन अधिक था। 2011-12 में राज्य में धान का उत्पादन 82 लाख टन हुआ। 2011-12 में बिहार का अपना कर राजस्व बढकर 12,612 करोड रूपये हो गया।

मोदी ने कहा कि अतिलघु, लघु और मध्यम उद्यमों में सितंबर 2012 तक 6.3 लाख लोगों को रोजगार प्राप्त था जबकि 1941 करोड रूपये का निवेश था। राज्य में 2011-12 में 45.10 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ।

उपमुख्यमंत्री ने पर्यटकों की संख्या में बढोतरी को इकॉनमी के लिए अच्छा संकेत बताते हुए कहा कि देश में आने वाले विदेशी पर्यटकों में हर छठा पर्यटक बिहार आता है। 2011 में यह संख्या 7.95 लाख थी। 2011-12 में बिहार में बैंकों में जमा में 22,155 करोड रूपये की बढोतरी हुई। 2011-12 में 2010-11 की तुलना में कर्ज देने में 6500 करोड रूपये की बढोतरी हुई।

राज्य में सितंबर 2012 तक बिहार का ऋण जमा अनुपात बढकर 39 फीसदी हो गया। मोदी 21 फरवरी को 2013-14 के लिए राज्य का बजट पेश करेंगे। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सत्ता में आने के बाद से प्रतिवर्ष केंद्र की तर्ज पर आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है। इस सर्वेक्षण में चालू वित्त वर्ष से संबंधित रिपोर्ट और अगले वर्ष के बारे में रूझान होता है। …. (खास खबर)

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