‘आप’ से देश की अर्थव्यवस्था को खतरा

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indian economyअगर अरविन्द केजरीवाल की ‘आप’ बढ़ती गयी तो इससे देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाज़ार को काफी नुकसान हो सकता है, यह मानना है देश के ब्रोकर्स और व्यापारियों का।

अंग्रेजी अखबार इकनोमिक टाइम्स में छपी खबर के अनुसार उनके संवाददाताओं ने जिन ब्रोकर्स और ट्रेडर्स से बात की, उन्होंने आप की इकनॉमिक पॉलिसी की आलोचना की, लेकिन यह भी कहा कि साफ-सुथरी छवि के कैंडिडेंट्स पर पार्टी के जोर से देश की सियासत पूरी तरह बदल सकती है।

केआर चोकसी शेयर्स एंड सिक्योरिटीज के एमडी देवेन चोकसी ने कहा, ‘आप की शुरुआत गलत ढंग से हुई है। अगर यह पार्टी बढ़ती गई तो इससे देश की इकनॉमी और स्टॉक मार्केट्स को काफी नुकसान हो सकता है। बाजार आप से डरा हुआ है। पार्टी को बताना चाहिए कि वह किस तरह करप्शन से लड़ेगी? केजरीवाल की सरकार कैसे दूसरी पॉपुलिस्ट गवर्नमेंट्स से अलग है?’

मार्केट में कुछ लोग नई पार्टी को एक मौका देने को गलत नहीं मानते। हीलियस कैपिटल के फंड मैनेजर समीर अरोड़ा का कहना है कि करप्शन के खिलाफ आप का स्टैंड स्टॉक मार्केट के लिए उस हद तक सही है, जब तक इससे दूसरी पार्टियां भी साफ-सुथरी छवि वाले कैंडिडेट्स को चुनने को मजबूर हों।

 दिल्ली विधानसभा में जिस दिन आप ने विश्वास मत हासिल किया, उस दिन शेयर बाजार में पिछले डेढ़ महीने की सबसे बड़ी गिरावट आई। कुछ ने कहा कि प्रॉफिट बुकिंग के चलते बाजार गिरा तो कुछ इसकी वजह को लेकर श्योर नहीं थे। दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर में 1 जनवरी के बाद से 3 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, वहीं टाटा पावर के शेयर 7.7 पर्सेंट गिर चुके हैं।

 केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के कैग ऑडिट का आदेश दिया है, जिसके चलते रिलायंस इंफ्रा और टाटा पावर में सेलिंग प्रेशर बढ़ा है। दिल्ली सरकार ने हर महीने 400 यूनिट्स से कम बिजली यूज करने वाले परिवारों को 50 पर्सेंट की सब्सिडी भी दी है। ब्रोकर्स का मानना है कि इससे दिल्ली सरकार की आर्थिक हालत खराब होगी। इस वजह से दूसरे राज्यों में भी बिजली पर सब्सिडी देने का दबाव बढ़ सकता है।

 दिल्ली में बिजली डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के ऑडिट से सरकार और प्राइवेट सेक्टर के बीच टकराव बढ़ सकता है। डर है कि नेता प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को परेशान करने के लिए यही रास्ता अपना सकते हैं। एंबिट कैपिटल के सौरभ मुखर्जिया ने बताया की दिल्ली में आप की पॉलिसी से इनवेस्टर्स हैरान हैं।

…..(साभारः मुद्दा- बिहार खोज खबर.कॉम)

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