आखिर मोदी राज में रामजादा कौन और हरामजादा कौन?

Share Button

 एक मशहूर कहानी है। बचपन में आपने भी सुनी होगी। शीर्षक था – रंगा सियार। यह कहानी वर्तमान में आरएसएस के तथाकथित रामजादों या फ़िर हरामजादों के लिए बिल्कुल सटीक बैठता है। इसका एक प्रमाण यह है कि जम्मू कश्मीर में चुनाव के मद्देनजर धारा 370 के सवाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलटी मारी।

modiवहीं बिहार में भी चुनाव को लेकर ही मुसलमानों के साथ गलबहियां की जा रही है, जिन्हें कभी भाजपा के रामजादों ने पाकिस्तान भेजने की बात कही थी। लेकिन रंगा सियार की असलियत दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक बार फ़िर सामने आ गयी जब एक रामजादी ने रामजादा बनाम हरामजादा वाला बयान दे दिया। बिहार वाले भुमिहार मंत्री गिरिराज सिंह ने भी धर्म निरपेक्षता में विश्वास रखने वालों को जमकर गालियां दीं।

 अब सवाल उठता है कि भाजपा को आखिर दिल्ली की जनता को रामजादा या हरामजादा क्यों कहना पड़ रहा है। यह भी बेहद दिलचस्प है कि भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव फ़तह करने के लिए अपने 300 सांसदों को लगाया है। कुल मिलाकर 2700 जनसभाओं का कार्यक्रम पहले से तय है।

आखिर किन कारणों से भाजपा इतने आक्रामक ढंग से चुनाव प्रचार में जुटी है। क्या उसे डर लगने लगा है कि जो हाल उसके साथ महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हुआ, वहीं दिल्ली में भी न हो जाये। कहीं इसकी वजह यह तो नहीं है कि अरविन्द केजरीवाल बिजली बिल एवं अन्य मुद्दों को लेकर एक बार फ़िर से दिल्ली की जनता के बीच संवाद स्थापित करने में सफ़ल होते दिख रहे हैं।

जाहिर तौर पर रामजादी महिला मंत्री द्वारा विवादास्पद बयान अप्राकृतिक नहीं है। यह इस बात का द्योतक भी है कि नरेंद्र मोदी की सरकार सही मायनों में रामजादों और हरामजादों की सरकार है। ऐसा नहीं होता तो निश्चित तौर पर रामजादी मंत्री को नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा चुके होते। लेकिन ऐसा नहीं होने जा रहा है। अब तो रामजादी मंत्री ने माफ़ी भी मांग ली है।

परंतु असल सवाल यही है कि आखिर नरेंद्र मोदी सरकार में रामजादा कौन है और हरामजादा कौन? इस सवाल का जवाब तो अब भारत की जनता को ही देना होगा। वैसे जनता भी इन्हीं रामजादों और हरामजादों की राजनीति का शिकार हो रही है। वर्ना देश में सचमुच इंसानों का राज होता न कि किसी रामजादा या फ़िर किसी हरामजादे का।

nawal

 ……लेखकः  नवल कुमार अपना भारत के संपादक हैं

Share Button

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...