असम में नहीं थम रहा है हिंसा का दौर, अब तक 76 लोग मरे

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assam-hinsaदेश के पूर्वोतर प्रांत असम में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है। बोडो उग्रवादियों द्वारा आदिवासियों के नरसंहार में मरने वालों की संख्या बढ़कर 76 हो गई है। मृतकों  में 21 महिलाएं तथा 18 बच्चे शामिल हैं।

इसके बाद बदले की भावना के तहत बोडो के घरों को जला दिया गया और एक थाने पर हमला किया गया, जिस दौरान पुलिस की कथित गोलीबारी में 3 और आदिवासियों की मौत हो गई।

खबरों के अनुसार, कोकराझाड़ में आदिवासियों ने बोडो समुदाय के कई घरों में आग लगा दी, जिसमें इस समुदाय के 2 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हिंसा चौथे जिले उदलगुड़ी में फैल गई, जब 3 जिलों में मंगलवार को जातीय हिंसा के लिए जिम्मेदार वार्ता विरोधी एनडीएफबी (एस) के उग्रवादियों ने गांववालों पर गोलियां चलाईं और कई घरों में आग लगा दी, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ।

asam_news-violentहमले के बाद जवाबी कार्रवाई में आदिवासियों ने लामाबाड़ी और उदलगुड़ी साप्ताहिक बाजार में बोडो समुदाय की 60 से अधिक झोपड़ियों को आग के हवाले कर दिया। अधिकारी नैशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट आफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के सोंगबिजीत धड़े के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।

उधर, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस नरसंहार को आतंकी कार्य करार दिया तथा इससे सख्ती से निपटने की बात कही।

रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि हिंसा प्रभावित सभी क्षेत्रों में सेना की तैनाती की गई है। वह कल रात से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय रूप से जुटी है। पुलिस ने कहा कि सोनितपुर, चिरांग और कोकराझाड़ जिलों में सभी अशांत क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

सिंह ने गुवाहाटी पहुंचकर मुख्यमंत्री तरूण गोगोई और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियेां के साथ बैठक करके स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सिंह से इन हत्याओं की जांच एनआईए से कराने का आदेश देने का अनुरोध किया, जिस पर केन्द्रीय मंत्री सहमत हो गए।

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