अश्विनी गुप्ता अपहरण में कुख्यात पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को मिले थे ढाई करोड़ रुपये

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  • पूर्व सांसद ने कराई कई हत्याएं जिसका राज आज तक नहीं खुला

  • कुख्यात दिनेश और भूपेन्द्र के इकरारनामें में है चकित करने वाले कई तथ्य

  • पड़ोस के गांव के कई मुस्लिम युवकों की भी शहाबुद्दीन ने कराई थी हत्या

पटना (विनायक विजेता)। जुलाई 2001 में पटना के बोरिंग रोड से हुए व्यवसायी अष्विनी गुप्ता के चर्चित अपहरण कांड में भी पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का ही हाथ था। बाद में अमरिेका में रहने वाले अश्विनी के पिता ने हवाला के माध्यम से शहाबुद्दीन को ढाई करोड़ रुपये भिजवाये थे तब जाकर अश्विनी गुप्ता की रिहाई हुई थी। अश्विनी गप्ता की रिहाई और फिरौती की मध्यस्थता तब न्यू बाइपास स्थित एक पिट्रोल पंप पर पटना के एक सफेदपोश के माध्यम से हुई थी।

दिनेश तिवारी ने अपने बयान में कहा कि जुलाई 2001 में बोरिंग रोड, पटना के उद्योगपति अश्विनी गुप्ता का अपहरण शहाबुद्दीन के इशारे पर की गई थी जिस अपहरण में उसके साथ प्रवीण श्रीवास्तव, गुडडू सिंह, वकील मियां, अफरोज, शांति सिंह व छोटे पांडे शामिल थे। अश्विनी गुप्ता के घर पर रहने वाले व्यक्ति विक्की ने ही मुखबिरी का काम किया था। अश्विनी गुप्ता को अपृह्त कर उन्हें जिप्सी और मारुति जेन द्वारा सिवान लाया गया था। भाटपाररानी निवासी और सिवान में रहकर तब शराब व्यवसाय करने वाले पप्पू सिंह के घर अश्विनी गुप्ता को कई दिनों तक रखा गया। अश्विनी को बेहोश करने के लिए उन्हें फोर्टविन का इंजेक्शन दिया जाता रहा। बाद में पटना पुलिस ने अपहरण में शामिल प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया और उसे लेकर सिवान आ गई तब अपहर्ताओं ने अश्विनी गुप्ता को पप्पू सिंह के घर से हटाकर दूसरे जगह रख दिया।

इस मामले में पटना पुलिस ने पप्पू सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस चर्चित अपहरण में तब एक सफेदपोश भी शामिल था जिसने पटना के न्यू बाइपास स्थित एक पिट्रोल पंप पर फिरौती की राशि के लिए मध्यस्थता की थी। बाद में अमेरिका में रहने वाले अश्विनी गुप्ता के पिता ने हवाला के माध्यम से शहाबुद्दीन को ढाई करोड़ की फिरौती राशि भेजी जिसके बाद अश्विनी गुप्ता को मुक्त किया गया। आईएसआई और शहाबुद्दीन के इशारे पर दिल्ली में तहलका के संपादक तरुण तेजपाल की हत्या के षडयंत्र में वर्ष 2001 में गिरफ्तार अवधेश त्यागी उर्फ भूपेन्द्र त्यागी ने भी अपने स्वीकाराक्ति बयान में शहाबुद्दीन के खिलाफ कई चौकाने वाले तथ्य को उजागर किया है। भूपेन्द्र के अनेसार मुन्ना सिंह नामक एक व्यक्ति के अपहरण के बाद शहाबुद्दीन को तब फिरौती के रुप में दस लाख रुपये मिले थे।

शहाबुद्दीन के कहने पर ही भूपेन्द्र त्यागी ने अपने साथी गोरखपुर निवासी आनंद पांडेय के साथ मिलकर सिवान के अधिवक्ता रघुवीर शरण और उनकी पत्नी की हत्या उनके घर में कर दी थी। भूपेन्द्र के अनुसार शहाबुद्दीन ने कई मुस्लिम यवकों की भी हत्या कराई। प्रतापपुर गांव के पास के ही गांव के रहने वाले दो मुस्लिम युवकों को शहाबुद्दीन ने दठवाकर अपने गांव प्रतापपुर मंगवाया और दोनों की हत्या कर उनकी लाश को सिवान-छपरा श्रोड में फेक दी।

इन दोनों यवकों ने शहाबुद्दी के ही एक काम के वास्ते उनसे 315 बोर की दो रायफले ली थी पर न काम हुआ और न ही शहाबुद्दीन की रायफले लौटीं जिससे कु्रध शहाबुद्दीन ने दोनों युवकों की अपने गांव में ही हत्या कर दी। भूपेन्द्र त्यागी के अनुसार शहाबुद्दीन के कहने पर ही उसने और प्रतापपुर के सुलेमान ने हाजीपुर के एक युवक अमित को पटना के राजाबाजार से अपृह्त कर सिवान ले जाने के क्रम में रास्ते में ही गोली मारकर हत्या कर दी और उसकी लाश सिवान से 15 किमी पहले सड़क के किनारे फेक दिया।

भूपेन्द्र त्यागी ने अपने बयान में बताया है कि शहाबुद्दीन के मित्र समस्तीपुर के कुख्यात कुंदन सिंह की मदद के लिए उसके विरोधी मुरारी सिंह व उसके छह साथियों की रोसड़ा में उसने ही अपने साथियों के साथ सामुहिक हत्या की थी जिस हत्या का आदेश स्वयं तत्कालीन सांसद शहाबुद्दीन ने ही दिया था।

शहाबुद्दीन और उनका परिवार शायद बिहार का ऐसा इकलौता परिवार है जिस परिवार में 18 लाइसेंसी हथियार हैं। खुद शहाबुद्दीन के नाम पर जहां 1 रायफल, 1 बंदुक और एक रिवाल्वर के लायसेंस है वहीं उनकी पत्नी हिना शेख उर्फ हिना शहाब के नाम पर 1 रायफल, 1 बंदुक और 1 पिस्टल का लाइसेंस है। (साभारःफेसबुक)

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