स्व. राजीव गांधी पर सरकारी विज्ञापन, बना बहस का मुद्दा

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बीस अगस्त भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी का जन्मदिन होता है और इस मौक़े पर लगभग हर प्रमुख अख़बार में सरकारी विभागों की ओर से 10 या उससे भी ज़्यादा विज्ञापन देकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है.

विभिन्न पार्टियों के नेताओं के जन्मदिन या पुण्यतिथि के मौक़े पर इस तरह सरकारी विभागों की ओर से विज्ञापन देने का मसला पहले भी बहस का मुद्दा बन चुका है.

अब प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सत्ताधारी कांग्रेस को ‘सीमित ख़र्च’ या समझदारी के साथ ख़र्च की बात याद दिलाई है.

पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने इस मौक़े पर कहा, “अगर समझदारी से ख़र्च करने की बात की जाती है तो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ देना एक बेहतर तरीक़े से किया जा सकता था. सब मिलकर श्रद्धांजलिस्वरूप एक विज्ञापन देते न कि सभी अख़बारों के सभी पन्नों पर सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रम विज्ञापनों की बाढ़ के साथ श्रद्धांजलि दे रहे हैं.”

इस मौक़े पर जिन मंत्रालयों की ओर से अख़बारों में विज्ञापन दिए गए हैं उनमें पर्यटन मंत्रालय का विज्ञापन है जहाँ कहा गया है, “उन्होंने अपने सपनों के भारत को अनेकों का स्वप्निल गंतव्य बनाया. स्वप्नदर्शी की दूरदर्शिता भारत को विश्वस्तरीय पर्यटक गंतव्य में बदलना…”.

इसी तरह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, दिल्ली सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग, विद्युत मंत्रालय, हरियाणा सरकार, इस्पात मंत्रालय, दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रचार निदेशालय और आवास एवं शहरी ग़रीबी उपशमन मंत्रालय के विज्ञापन भी अख़बारों में हैं.

इन मंत्रालयों और विभागों के अलावा कांग्रेस की ओर से भी राजीव गाँधी को श्रद्धांजलि दी गई है जिसमें उनकी एक युवा तस्वीर लगी है और लिखा है- ‘आपका जीवन हमारी प्रेरणा.’

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