अब असम के राज्यपाल बौराए, कहा- सिर्फ हिन्दुओं का है हिन्दुस्तान

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Assam-Governor

असम के राज्यपाल पी बी आचार्य ने कहा है कि हिन्दुस्तान सिर्फ हिन्दुओं के लिए है और नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) में एक भी बांग्लादेशी का नाम शामिल नहीं किया जाना चाहिए. एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार, राज्यपाल आचार्य ने एक किताब विमोचन कार्यक्रम के दौरान यह बात कही है.

उन्होंने एनआरसी सूची को अपडेट किए जाने और बांग्लादेश तथा पाकिस्तान से भागकर भारत में शरण की उम्मीद से आए अल्पसंख्यकों पर जारी किए गए केंद्र की अधिसूचना से उपजे विवाद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बात कही.

उन्होंने कहा कि राज्य में बांग्लादेशी ‘हिन्दू शरणार्थियों’ से असम को डरने की जरूरत नहीं है. साथ ही दूसरे देशों के हिन्दुओं को भारत में शरण लेने में कुछ गलत नहीं है. उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान हिन्दुओं के लिए है. इसमें कोई गलत नहीं है.

विभिन्न देशों के हिन्दू यहां रह सकते हैं. वे बाहरी नहीं हो सकते हैं. इसको लेकर डरने की जरूरत नहीं है. लेकिन उनको कैसे रखा जाए यह एक बड़ा सवाल है और इस बारे में सभी को सोचने की जरूरत है. लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बांग्लादेशी को एनआरसी सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए.

उन्होंने एनआरसी सूची को अपडेट किए जाने और बांग्लादेश तथा पाकिस्तान से भागकर भारत में शरण की उम्मीद से आए अल्पसंख्यकों पर जारी किए गए केंद्र की अधिसूचना से उपजे विवाद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बात कही.

उन्होंने कहा कि राज्य में बांग्लादेशी ‘हिन्दू शरणार्थियों’ से असम को डरने की जरूरत नहीं है. साथ ही दूसरे देशों के हिन्दुओं को भारत में शरण लेने में कुछ गलत नहीं है. उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान हिन्दुओं के लिए है. इसमें कोई गलत नहीं है.

विभिन्न देशों के हिन्दू यहां रह सकते हैं. वे बाहरी नहीं हो सकते हैं. इसको लेकर डरने की जरूरत नहीं है. लेकिन उनको कैसे रखा जाए यह एक बड़ा सवाल है और इस बारे में सभी को सोचने की जरूरत है. लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बांग्लादेशी को एनआरसी सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए.एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार, राज्यपाल आचार्य ने एक किताब विमोचन कार्यक्रम के दौरान यह बात कही. उन्होंने एनआरसी सूची को अपडेट किए जाने और बांग्लादेश तथा पाकिस्तान से भागकर भारत में शरण की उम्मीद से आए अल्पसंख्यकों पर जारी किए गए केंद्र की अधिसूचना से उपजे विवाद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बात कही.

उन्होंने कहा कि राज्य में बांग्लादेशी ‘हिन्दू शरणार्थियों’ से असम को डरने की जरूरत नहीं है. साथ ही दूसरे देशों के हिन्दुओं को भारत में शरण लेने में कुछ गलत नहीं है. उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान हिन्दुओं के लिए है. इसमें कोई गलत नहीं है.

विभिन्न देशों के हिन्दू यहां रह सकते हैं. वे बाहरी नहीं हो सकते हैं. इसको लेकर डरने की जरूरत नहीं है. लेकिन उनको कैसे रखा जाए यह एक बड़ा सवाल है और इस बारे में सभी को सोचने की जरूरत है. लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बांग्लादेशी को एनआरसी सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए.

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