अपहर्ताओं को मोटी रकम देकर छुटे दिनेश और भवानी

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हजारीबाग (मंटू सोनी)। अपहर्ताओं को मोटी रकम के तौर पर फिरौती देने के बाद दिनेश और भवानी गुरुवार को सकुशल घर पहुंच गये । मंगलवार को देर रात्रि इन दोनों को अज्ञात बदमाशो ने हथियार के बल पर अगवा कर लिया था । दोनों को बड़कागांव के महुदी स्थित ईट भट्ठा से उठाया गया था । अपहृतों के घर वापसी से इनके परिजनों ने राहत की सांस ली है ।लेकिन क्षेत्र मे दहशत साफ देखा जा रहा है ।अन्दर ही अन्दर चर्चाओं का बाजार भी गर्म है ।

दबी जुबान से लोग स्वीकारने लगे है कि इलाके मे रहना या धंधा करना है तो अपराधियों के शर्त पर । लोग भयभीत है पता नही कब किसका अपहरण-हत्या हो जाए ।लोगों का पुलिस से भरोसा ही खत्म सा हो गया है ।

चर्चा यहां तक हो रही है कि कोयला तस्करी की तरह इन घटनाओं मे भी पुलिस की संलिप्ता है । लोग अब इसी जंगल राज मे जीना अपनी नियति मानने लगे है ।पुलिस के प्रति लोगों की इस पर उँगली उठाने के वाजिब तर्क भी है ।पिछले तीन-चार माह मे हुए अपराध और उसपर पुलिस की कार्रवाई या सफलता पर नजर डाले तो इसे बखुबी

समझा जा सकता है कि झेत्र की स्थिति सचमुच जंगलराज जैसी ही है । नजर डालते है मुख्य घटनाओं पर फरवरी माह मे केरेडारी के संतोष साव का अपहरण हुआ बाद मे उसकी हत्या कर दी गयी ।

अगले माह सलगा गांव के बसंत भुईया की हत्या ।फिर बुँडू मे किरण ठाकुर की हत्या ।गर्री के लालदेव साव का अपहरण जिसमें फिरौती चुकाने के बाद उनकी रिहाई हुई ।

पिछले माह राज्य के कृषि मंत्री सह बड़कागांव विधायक योगेन्द्र साव के प्रतिनिधि कृष्णा सिंह का अपहरण उसमें भी फिरौती चुकाने के बाद उनकी रिहाई हुई थी ।स्टेज बैक के कैश वैन लूट मामला ।

अब दिनेश और भवानी के अपहरण मामले मे पुलिस मुकदर्शक बनी रही  ।अब तक उक्त कांडो मे किसी भी मामले मे पुलिस कोई सफलता हासिल नही कर सकी है ।इन सब के अतिरिक्त नक्सली और तस्करी के दर्जनों घटनाएँ हो चुकी है ।

पर पुलिस जनता को भगवान भरोसे छोड़ अपने आप मे मग्न नजर आई । भविष्य मे जो हो फिलहाल आम जनता भय के वातावरण मे जीने को मजबूर है । इनका एकमात्र भरोसा भगवान ही है ।

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