अपनी-अपनी सी एमएस धौनी की कहानी

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एमएस धौनी अनटोल्ड स्टोरी में अनटोल्ड बातें कम ही थी खासकर हम रांची वासी मीडिया वालों के लिए। हां धौनी की पहली प्रेमिका के बारे में मुझे नहीं पता था। खैर फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने धौनी बनने के लिए जो मेहनत की है वो साफ दिखती है। धौनी के हावभाव और शैली को अपनाने की पर्याप्त कोशिश की है।

'एमएस धौनी अनटोल्ड स्टोरी' और रांची के वरिष्ठ पत्रकार नवीन शर्मा की पुरानी यादें....
‘एमएस धौनी अनटोल्ड स्टोरी’ और रांची के वरिष्ठ पत्रकार नवीन शर्मा की पुरानी यादें….

हम कह सकते हैं कि सुशांत का चयन सही था वे धौनी के रूप में जमे हैं। धौनी के पिता पान सिंह के रोल में अनुपम खेर फिट बैठे है। दोनो अभिनेत्रियों ने भी अपनी छोटी भूमिकाएं ठीक ढंग से निभाई हैं। अन्य कलाकारों का चयन भी ठीक रहा।

फिल्म में कुछ बातें अखरी जैसे पहली बात फिल्म ज्यादा लंबी बना दी गई।इसकी ढंग से एडिटिंग कर आराम से आधा धंटा कम किया जा सकता था। गाने भी व्यवसायिक मजबूरी ही ज्यादा लगे। धौनी का एक बड़ा भाई भी है नरेंद्र उसका रत्ती भर भी जिक्र नहीं है। फिल्म देखने से लगा कि धौनी की सिर्फ बहन ही है। मुझे इसका कारण समझ में नहीं आया कि ये चूक हुई है या जानबूझकर नरेंद्र के अस्तित्व तक को नकारा गया। फिल्म को 2015 तक लाया जा सकता था।

फिल्म हम रांची वालों को एक स्पेशल फिलिंग देती है। रांची में फिल्म के काफी हिस्से की शूटिंग हुई थी इसलिए एक अपनापन महसूस हुआ। ये दूसरी हिंदी फिल्म है जिसकी लंबी शूटिंग रांची में हुई पहली फिल्म प्रकाश झा की हिप हिप हूर्रे धी जिसकी शूटिंग विकास विद्यालय में हुई धी। अपनी प्यारी रांची को उसके राजकुमार के साथ बड़े पर्दे पर देखना प्राउड फिल देता है। जेवीएम श्यामली, मेकान, सीसीएल ,मेन रोड और रांची रेलवे स्टेशन को देखकर फिल्म अपनी अपनी लगी।

धौनी का कुछ बातों के लिए शुक्रिया पहला 28 साल बाद वन डे विश्व कप दिलाने के लिए। दूसरा अपनी छोटी और अनजान सी रांची को देश और दुनिया में पहचान दिलाने के लिए। तीसरा रांची का ही बने रहने के लिए। और अंतिम में छोटे शहरों के खिलाड़ियों में आतमविश्वास जगाने के लिए।

फिल्म देखने के बाद धौनी से जुड़ी कुछ बातें भी याद आ रही हैं। मैं उन दिनों रांची एक्सप्रेस में था। धौनी अंडर 19 खेल कर आए थे। वो चंचल दा से मिलने कभी कभार आफिस आते थे। वहीं उसे पहली बार देखा था। मुझे वो अच्छा लगा। उसके जाने पर मैंने चंचल दा से कहा था कि भइया ये लड़का अगर इंडिया टीम में आ गया तो इसके पास एड की लाइन लग जाएगी। इसके बाद मैं प्रभात खबर चला गया। धौनी तब इंडिया टीम में आ गए थे। वे अतिथि संपादक बनकर आफिस आए थे। वो हम सभी से आकर मिले थे तो हमारे साथी फोटोग्राफर ने फोटो ली थी। आज आपके साथ साझा कर लेता हूं।ms-dhoni_-naveen-sharma

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