मदन तिवारी ने यशवंत सिंह से कहाः …..तो जेल खुद जायेगें हरिबंश

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madanपटना के पत्रकार विनायक विजेता की पोस्ट पर भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह की कंमेंट पर गया के अधिवक्ता पत्रकार मदन तिवारी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

श्री तिवारी ने लिखा है कि पत्रकारिता का काला धब्बा हैं हरिवंश। चमचागिरी की पराकाष्ठा के उदाहरण है। आपसे उनके व्यक्तिगत तालूकात है। यह दिगर बात है। वरना प्रभात खबर के बारे मे आम राय है कि यह सता की चमचागिरी करता है।

श्री तिवारी के अनुसार पहले नीतीश हरिवंश के खासमखास थे, क्योंकि विज्ञापन का मामला था। अब जब सता बदलने के आसार दिख रहे है तो धीरे धीरे हरिवंश भी बदल रहे हैं। वे नये यार की चमचागिरी मे लग गये है। उन्होंने यशवंत जी को चुनौती देते हुये लिखा है कि कुछ उदाहरण देता हूं। हरिवंश जी को कहें संग्यान ले। जेल जाना पडेगा।

श्री तिवारी के अनुसार गया में बियाडा की जमीन का आवंटन पटना के अखबार के नाम पर हुआ तथा दुसरे व्यक्ति के नाम पर हुआ, परन्तु निबंधन से पहले अखबार गया मे छपने लगा। अखबार के लिये आवंटित कागज का इस्तेमाल किया जाता था। आपको भी पता होगा अखबारी कागज का कोटा होता है । जब अखबार का निबंधन हीं नही हुआ तो कागज कहां से आया? गया से छपने वाले अखबार मे सरकारी विज्ञापन भी मिला। बिना निबंधित हुये अखबार को सरकारि विग्यापन कैसे मिला, आपके हरिवंश को पता है। अखबारी कागज और विग्यापन के नियम है जिसका उल्लंघन हरिवंश ने किया । हरिवंश के उपर मुकदमा होना चाहिये।

श्री तिवारी ने आगे लिखा है कि आप विनायक विजेता जी के लेख पर आपति दर्ज कर रहे है। कम से कम दरियाफ़्त तो कर लिजिये  कि सच क्या है। आप विनायक विजेता को डरा रहे है और हरिवंश को कह रहे हैं कि संज्ञान ले यानि मुकदमा करें। यशवंत जी शीशे के मकान मे रहने वाले दुसरे के मकान पर पत्थर नहीं उछाला करते ।

श्री तिवारी की चुनौती है कि हिम्मत है हरिवंश में तो शिकायत दर्ज करें। वादा है कि हरिवंश का सब गैरकानूनी काम सामने ला दूंगा और जेल जाना पडेगा हरिवंश को। आपकी नजर मे महान पत्रकार हो सकते है लेकिन उन्होनें पत्रकारिता को बाजारवाद का रुप दिया । पत्रकारिता के क्षेत्र मे आई गिरावट के उदाहरण है आपके हरिवंश। आपसे दुबारा कह रहा हूं । आप हरिवंश को कहें शिकायत दर्ज करने के लिये। उसके बाद पता चलेगा कौन कितने पानी में है।

yashpicawardउल्लेखनीय है कि  भड़ास4मीडिया के संचालक-संपादक यशवंत सिंह दैनिक प्रभात खबर से जुड़े स्वंभू लोगों के बचाव में ही नहीं उतर गये हैं, अपितु पटना के वरिष्ठ पत्रकार विनायक विजेता की फेसबुक पर “दैनिक प्रभात खबर का इंडिया मुजाहिदीन कनेक्सन” वाली खबर को कुप्रचार की संज्ञा देते हुये अखबार के कर्ता-धर्ताओं को संज्ञान लेते हुये माकुल जबाब देने का अनुरोध भी कर डाला है।

यशवंत सिंह ने विनायक विजेता की फेसबुक वाल पर जारी पोस्ट पर अपना कमेंट देते हुये लिखा है कि काहें फर्जीवाड़ा फैला रहे हैं विनायक बाबू… देसी पटाखे को आरडीएक्स में तब्दील करने की कला क्राइम रिपोर्टरों में खूब होती है और ये वाली आपकी कथित खबर इसी श्रेणी की है… कम से कम आपसे यह अपेक्षा नहीं कि आप इतना लंबा फेकेंगे और ढेर सारे निर्दोष मुस्लिम साथियों को फर्जी मामलों में फंसवाएंगे।

श्री सिंह ने आगे लिखा है कि भारतीय सिस्टम, पुलिस, आईबी आदि खुद ही हर मुस्लिम को शक की नजर में रखकर स्कैन करते हैं। आपकी इस तरह के कुप्रचार से स्थिति और बिगड़ेगी। उन्होंने दावा करते हुये लिखा है कि “रही बात प्रभात खबर की तो मैं जानता हूं. जब तक वहां हरिवंश जी जैसे लोग हैं, दत्ता जैसे लोग हैं, गोयनका जैसे लोग हैं, कोई गलत काम नहीं हो सकता और अगर किसी ने चोरी छुप के गलत काम कर भी लिया तो इन लोगों के संज्ञान में आते ही ये लोग उसे न सिर्फ दुरुस्त करेंगे बल्कि गल्ती कुबूल भी कर लेंगे।

श्री सिंह ने लिखा है कि भड़ास पर प्रभात खबर और हरिवंश के खिलाफ बहुत सी खबरें छापी हैं, लेकिन आप जो ये छाप रहे हैं, भेज रहे हैं, वो निहायत ही फर्जी, बकवास, सांप्रदायिक खबर है। मैं अपना विरोध दर्ज कराता हूं इस कम्युनल खबर के प्रति।

आगे उन्होंने Harivansh जी से अनुरोध किया है कि इस दुष्प्रचार का संज्ञान लें।  Mohammad Anas से चाहूंगा कि वे इस कथित खबर के फैक्ट्स को अपने लेवल पर पता कराएं और ऐसे दुष्प्रचार का माकूल जवाब दें। 

bउल्लेखनीय है कि विनायक विजेता ने अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है कि ‘प्रभात खबर’ में हैं अभी इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े उजैर के कई आदमी? मीडिया में आईएम के लोगों को रखवाने की तहसीन ने दी थी उजैर को सलाह। ‘प्रभात खबर’ प्रबंधन को पता था उजैर के आईएम कनेक्शन के बारे में। एक विस्फोटक खबर यह मिल रही है के रांची से गिरफ्तार हुए उजैर अहमद ने अपने कई व्यक्तियों जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े हैं को हिन्दी दैनिक ‘प्रभात खबर’ खबर के विभिन्न कार्यालयों में इलेक्ट्रीशियन के पद पर बहाल कराया। ऐसे कार्यालयों में बिहार का पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर सहित झारखंड के कई कार्यालय हैं।

पटना स्थित ‘प्रभात खबर’ कार्यालय में बतौर इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत कार्यरत मोनम जाहिर उर्फ मोनू जो उजैर अहमद का भतीजा है ने जांच एजेंसी को बताया कि बोधगया ब्लास्ट के बाद उसे उजैर मियां ने फोन कर अपना नंबर बदल लेने को कहा था।

सुत्रों के अनुसार मोनू ने ही यह सनसनीखेज खुलासा किया है कि उजैर ने ही भारत के कई शहरों में सीरियल ब्लास्ट को अंजाम देने वाले व दस लाख के इनामी आतंकी तहसीन अख्तर उर्फ मोनू के इशारे पर इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े कई युवकों को ‘प्रभात खबर’ में बतौर इलेक्ट्रीशिन बहाल कराया है जिसकी जानकारी अखबार प्रबंधन को एक साल पुर्व से ही है।

सूत्र बतातें हैं कि उजैर के इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े होने की खबर रांची स्थित ‘प्रभात खबर’ के एचआर हेड अंजय शर्मा, कार्यपालक निदेशक सह प्रसार हेड आर के दत्ता और यांत्रिकी विभाग के हेड आर आर अधिकारी को भी थी पर इन लोगों ने कभी इसे गंभीरता से नहीं लिया। सूत्र बतातें हैं कि इंडियन मुजाहिदीन का चुंकी प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादियों से भी गुप्त समझौता है इस भय से ‘प्रभात खबर’ खबर प्रबंधन चुप्पी साधे बैठी थी। गौरतलब है कि पूरे झारखंड में भाकपा माओवादी का अघोषित साम्राज्य कायम है।

मोनू को भी एनआईए की टीम ने हिरासत में लिया था और बिहटा थाना स्थित उसके घर लई में छापेमारी भी की थी। बाद में एनआईए को जांच में सहयोग करने का वादा करने के बाद जांच टीम ने उसे छोड़ दिया क्योंकि पटना के गांधी मैदान में हुए आतंकी हमले और सीरियल ब्लास्ट में उसके शामिल होने के कही से भी संकेत या साक्ष्य नहीं मिले पर मोनू ने उजैर अहमद के बारे में काफी कुछ जांच एजेंसी को बताया है। उजैर अहमद अभी एनआईए की हिरासत में दिल्ली में है जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

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