अटपटा लग रहा है रांची की ‘लव-जेहाद’ का एंगल !

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रांची के कथित ”लव जिहाद” पर पूरा नेशनल मीडिया सनसनी फैला रहा है. इसकी असलियत बता रहे है आनंद कुमार जो रांची मे लम्बे समय गंभीर पत्रकारिता करने के बाद अब सामाजिक कार्य कर रहे है. आनंद कुमार उसी मोहल्ले मे रहते थे जहा रणजीत सिंह कोहली रहता था. इस प्रत्यक्ष अनुभव से पता चलता है कि रंजित का पूरा परिवार हिन्दू है, माँ और बाप भी हिन्दू. रणजीत कब और कैसे रकीबुल हो गया, नहीं मालूम. रंजित का सच जानने के लिए इसे आप पढ़ सकते है.

पिछले दो दिनों से तारा शाहदेव की स्टोरी अखबारों में देख रहा हूँ। लव जेहाद से जोड़ा जा रहा इसे.. उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित करने के आरोपी पति रंजीत उर्फ़ रकीबुल की फोटो भी देखी.. लगता था कहीं देखा है इसे, पर ध्यान नहीं आ रहा था कहाँ…पूरा बचपन और जवानी रांची में ही गुज़री है… इस नाते अनगिनत लोगों को जानता हूँ.. पर ये रंजीत कोहली…!

सहसा आज प्रभात खबर में देखा..कोहली का बचपन बरियातू हाउसिंग कालोनी में गुज़रा है… उसकी फोटो के सहारे स्मृतियों को टटोल रहा था पर कुछ याद नहीं आया.. अखबार में इससे ज्यादा कुछ जानकारी भी नहीं थी… अचानक जमशेदपुर जागरण के पेज 12 पर कोहली की शादी की तस्वीर देखी जिसमें उसकी माँ भी थी…

स्मृतियों के पटल पर छाई धूल हट गयी। रंजीत उर्फ़ रकीबुल दरअसल बब्बा था, जिसके चार भाई-बहन थे। उसके पिता कोहली साहब यूनिवर्सिटी कालोनी के उसी ब्लॉक के पहले तल्ले पर रहते थे जिसमें अभी राजीव भैया (वरिष्ठ पत्रकार राजीव कुकरेजा) रहते हैं। कोहली साहब सेल्स टैक्स के रिटायर अफसर होते थे। लोग बताते थे कि उनकी पहली शादी से हुए बच्चे बड़े-बड़े पदों पर थे पर जब से उनहोंने कौशल को घर पर रख लिया था उनके सगेवालों ने उनसे किनारा कर लिया था।

love_jehadआज जब अखबार में खबर देखने के बाद माँ को फोन मिलाया तो वे भी दंग थीं। खबर उन्होंने भी पढ़ी थी, पर तारा प्रकरण का खलपात्र कोहली असल में कभी हमारे घर से महज़ 20 मीटर दूर रहनेवाला बब्बा है, ये उन्हें मैंने बताया और ये भी कि उसकी माँ कौशल को मुसलमान कहा जा रहा है..

माँ ने बताया कि असलियत तो कोई नहीं जानता पर अक्सर बातचीत में बब्बा की माँ खुद को हिन्दू बनिया और पटना के मीठापुर इलाके की रहनेवाली बताती थी।

पति से अलगाव के बाद वह लोगों के घरों में खाना बनाकर कर जीविका चलाती थी… ऐसे ही वह कोहली के सम्पर्क में आई। घर का कामकाज करते-करते अकेले कोहली के जीवन में भी उसने जगह बना ली।

रंजीत समेत उसके चार भाई-बहनों को मैंने खुद देखा है। जब तक कोहली साहब जिन्दा थे कौशल और उसके बच्चों को कोई तकलीफ नहीं थी पर एक दिन फ़्लैट में आग लगी। दिमागी संतुलन खो चुके कोहली साहब उस आग में जल मरे और कौशल और उसके बच्चों की खुशियाँ भी उसी में स्वाहा हो गयीं।

पहले घर का सामान बिका… फिर फ्लैट और सामने के एक कमरे के एसडब्लू क्वार्टर में किराये पर आ गया यह परिवार… बब्बा से बड़ा एक और भाई था और उससे बड़ी दो बहनें जो घरों में काम कर माँ का हाथ बंटाती। पर इस परिवार पर और दुःख के दिन बदे थे। एक दिन बब्बा का बड़ा भाई रजरप्पा में दोस्तों के साथ पिकनिक मनाते डूब गया… अगले दिन उसकी लाश मिली..किशोर बेटे की मौत ने उसकी माँ को तोड़ दिया.. बड़ी बेटी ने हमारे घर से चार घर छोड़ कर रहनेवाले एक सरकारी अफसर के अधेड़ शादीशुदा नौकर संग ब्याह रचा लिया और छोटी अचानक कहीं लापता हो गयी। बाद में पता चला कि वह कई साल तक बिहार के किसी गाँव में गुजारने के बाद अभी पंजाब में शादीशुदा जिन्दगी बिता रही है।

बब्बा का बचपन वैसे ही गुज़रा जैसे ऐसे हालत में किसी का भी गुजर सकता था। मगर उनकी उम्मीद टिकी थी कोहली साहब के रिटायरमेंट या इंश्योरेंस से मिलनेवाले उन पैसों पर जिनपर कौशल ने पत्नी के नाते दावा कर रखा था।

एक दिन बब्बा और उसकी माँ ने लोगों को बताया कि कोहली साहब के मुआवजे के तीन लाख रुपये आखिरकार उन्हें मिल गए थे। बब्बा ने उन पैसों से एक मारुति वैन खरीद ली थी और उसे भाड़े पर चलाने लगा था।

एक दिन वह अपनी माँ को लेकर कालोनी से चला गया। बीच-बीच में बब्बा कालोनी आता रहता दोस्तों से मिलने.. कुछ दिन बाद उसके दिन अचानक फिर गए… कैसे! ये पक्के तौर पर कोई नहीं जानता… पर उसके पास कार आ गयी.. एक नहीं कई.. रहन-सहन का ढंग बदल गया।

इन सबके बीच बब्बा कब रंजीत से रकीबुल हो गया, ये जानने की कभी न तो फुर्सत मिली न जरूरत महसूस हुई। मगर दो दिनों से तारा शाहदेव प्रकरण ने बब्बा की जिन्दगी से जुड़े कुछ पुराने पन्नों को अनायास ही पलट दिया। मामला चाहे जो हो, मगर कौशल ने जिस माहौल में बब्बा को पाला, जिसकी बेटियों की शादी हिन्दुओं से हुई, उसके बेटे के नाम के साथ लव जेहाद का एंगल मुझे थोड़ा अटपटा लग रहा है। anand

…….. Anand Kumar जी के फेसबुक वाल से साभार

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One comment

  1. Kaushal is basically muslim followed the same with secrecy .Kohaly relative disociate from KOHALI due to this when she got all benifite from kohali death then she became kaushar

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