अंततः वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष को भी ‘आप’ न आई रास, दिया यूं इस्तीफा

Share Button

1965 में जन्मे आशुतोष ने इलाहाबाद और जेएनयू से पढ़ाई पूरी की। साप्ताहिक हिन्दुस्तान और दैनिक हिन्दुस्तान में कई सालों तक काम करने के बाद वे देश के पहले प्राइवेट न्यूज चैनल ‘बीआईटीवी’ से जुड़े। सुरेन्द्र प्रताप सिंह के साथ काम करने की ख्वाहिश लिए दूरदर्शन पर आधे घंटे के कार्यक्रम ‘आज तक’ में आ गए।फिर 24×7 ‘आज तक ‘के अहम् हिस्सा रहे। एसोसिएट एडिडर का सफर तय करते हुए आईबीएन 7 में वें मैनेजिंग एडिडर भी रहें….”

राजनामा कॉम (जयप्रकाश नवीन)। आम आदमी पार्टी में उपेक्षित चल रहे सुप्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास  की  तरह ही स्वंय को पार्टी  में उपेक्षित महसूस करने को लेकर  पार्टी के एक महत्वपूर्ण नेता आशुतोष ने पार्टी को अलविदा कह दिया है

देश की आजादी की वर्षगाँठ पर पार्टी से ‘आजाद’ हो गए। पत्रकारिता से राजनीति में आएँ आप के एक महत्वपूर्ण वरिष्ठ नेता आशुतोष के इस्तीफे के बाद पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है।

उनके इस्तीफे के पीछे राजनीतिक कारण बताए जाते हैं। वे पिछले चार साल से राज्यसभा में जाने का सपना देख रहे थे, लेकिन उनका सपना पूरा नहीं हो सका। हालाँकि उन्होंने इस्तीफे के पीछे अपने निजी कारण का हवाला दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वे फिर से पत्रकारिता की पारी शुरू कर सकते हैं।

आप’ के वरिष्ठ नेता आशुतोष ने इस्तीफे की जानकारी ट्विटर पर दी। उन्होंने लिखा कि  ‘हर सफर का अंत होता है। आम आदमी पार्टी के साथ मेरा शानदार और क्रांतिकारी सफर आज खत्म हुआ। मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने लिखा कि ये फैसला मैंने निजी कारणों से लिया है। जिन्होंने मेरा समर्थन किया, उन सभी को धन्यवाद’।

आशुतोष करीब डेढ़ दशक तक सक्रिय पत्रकारिता के बाद साल 2014 में राजनीति में आए थें। आम आदमी पार्टी का दामन थामने के बाद उन्होंने चांदनी चौक से पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था, मगर उस चुनाव में उनकी हार हुई थी। राजनीति को ‘अलविदा’ कहने के बाद अब चर्चा है कि आशुतोष फिर से पत्रकारिता में लौट सकते हैं

दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू कर सता में आई अरविंद केजरीवाल की पार्टी ‘आम आदमी पार्टी ‘ में आशुतोष के साथ कैप्टन गोपीनाथ, किरण बेदी, कुमार विश्वास, शाजिया इल्मी और प्रशांत भूषण जैसे लोगों ने भी आप का दामन थामा था, लेकिन इनमें से अधिकतर पहले ही आप का साथ छोड़ चुके हैं।

हालांकि आशुतोष ‘आप’ के साथ ही रहे। लेकिन जब उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी नहीं हुई तो उन्होंने सक्रिय राजनीति को अलविदा कह दिया। उन्होंने  अन्ना आंदोलन पर एक  किताब ’13 डेज दैट अवेकेंड इंडिया’ लिखी थीं जो काफी लोकप्रिय हुई।

आशुतोष मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उनका जन्म वर्ष 1965 में वाराणसी में हुआ था। आशुतोष के पिता इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी थे। आशुतोष ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की। उसके बाद प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) आ गए।

जवाहरलाल  नेहरू यूनिवर्सिटी से आशुतोष ने दर्शनशास्‍त्र में परास्नातक की डिग्री हासिल की और इसके बाद सोवियत स्‍टडीज में एमफिल किया।यहां पढ़ाई के दौरान उनकी पत्रकारिता में दिलचस्पी जगी।

आशुतोष करीब एक दशक ‘आज तक’ में एसोसिएट एडिडर रहे। इस दौरान उन्होंने एंकरिंग से लेकर तमाम भूमिकाएं निभाई। इसके बाद उन्होंने आईबीएन 7 और टीवी 18 समूह के साथ भी लंबे वक्त तक काम किया। साल 2014 में उन्होंने पत्रकारिता को अलविदा कह दिया और राजनीति ज्वाइन कर ली।

1995 में वरिष्ठ पत्रकार स्व. अजय चौधरी तथा स्व. सुरेन्द्र प्रताप उर्फ एसपी के साथ मिलकर एक विडियो न्यूज की शुरुआत रखी थी। दूरदर्शन पर आधे घंटे तक चलने वाले उस न्यूज बुलेटिन से आशुतोष की प्रसिद्धि बढ़ गई थीं। बाद में ‘आज तक‘ का पहला कांसेप्ट की शुरुआत की थीं।आशुतोष इससे पहले ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान ‘और ‘दैनिक हिन्दुस्तान ‘में कई सालों तक काम कर चुके  हैं।

हालाँकि अभी तक आम आदमी पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे पर किसी का बयान नहीं आया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार उनका इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है। अगर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया तो इससे पार्टी को एक बड़ा नुकसान हो सकता है। आम आदमी पार्टी का मजबूत पक्ष रखने का माद्दा रखने वाले आशुतोष की कमी पार्टी को खलेगी।

Share Button

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.