अंततः कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ इंजीनियरों पर गबन का FIR

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छात्रवासों की मरम्मती व रंगाई पुताई में बिना काम 42 लाख डकार गए ठेकेदार इंजिनियर।  पैसा गबन में डीडब्ल्यूओ लघु सिंचाई प्रमंडल गुमला व सूचना जनसंपर्क विभाग के डाइरेक्टर भी आरोपी।

crupptionझारखंड के गुमला जिले में कल्याण विभाग से संचालित छात्रवासों की मरम्मत व रंगाई-पुताई में लाखों रुपये का खेल हुआ है। बिना काम किये पैसा की निकासी कर ली गयी है। लुट के इस खेल में झालको व लघु सिंचाई प्रमंडल गुमला के इंजीनियर व गुमला की जिला कल्याण पदाधिकारी भी शामिल है।

गौरतलब है कि इस मामले को लेकर सिटीजन कमिशंन के गुमला के डिस्ट्रिक्ट कान्वेनर शम्भू नाथ सिंह ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत दिनांक 09 फरवरी 15 को एक परिवाद पत्र दायर किया था, जिसके मुताबिक उपर्युक्त सभी ने कल्याण विभाग से संचालित छात्रवासों की मरम्मत व रंगाई-पुताई में बिना काम कराये 42 लाख 25 हजार रुपये गबन कर लिया है।

श्री सिंह के अनुसार कोई काम नहीं हुआ, परंतु पैसे की निकासी हो गयी। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त कागजातों से हुआ है.| आरोप है कि निविदा निकालने में भी सरकारी दस्तावेज व कार्यालय के कागजातों में हेराफेरी की गयी है।

इतनी बड़ी राशि का गबन सरकार के साथ धोखाधड़ी अपराधिक साजिश है। इस मामले में कोर्ट ने गुमला थाना को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की अनुसंधान करने का आदेश दिया था। पर गुमला थाना द्वारा अभी तक ऍफ़ आई आर दर्ज नहीं किया गया था।

पर जब सूचक द्वारा इस सम्बन्ध में कोर्ट को हस्तछेप करने का अनुरोध किया ओर जब कोर्ट ने गुमला थाना को रिमाइंडर किया तब आननं फानन में FIR दर्ज किया गया।

आई पी सी की धारा 406,409,467,468, 420,120 (B) /34 के तहत दर्ज गुमला थाना काण्ड संख्या – 119/15 GR 386/15 में जिन लोगों को प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है, उनमें झलको के एरिया मनेजर आर पी राय. माइनर एरिगेस्न् के इंजिनियर अमरेन्द्र कुमार, सुरेश झा, अमर रविदास, शंकर तिवारी, जिला कल्याण पदाधिकारी श्री मति मधुमती कुमारी, कलर्क दिलीप कुमार, ठेकेदार सुधीर कुमार सिंह, तथा सुचना जन संपर्क विभाग के निदेशक शामिल हैं।

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